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मानसिक रूप से बीमार नाबालिग से दुष्कर्म पर 10 साल कैद
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:32 PM IST
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मंदबुद्धि नाबालिग से दुराचार पर 10 साल कैद
कोर्ट ने सुनाई सजा, 50 हजार रुपये भी भरना होगा जुर्माना
जुर्माना अदा न करने पर भुगतना होगा 6 माह अतिरिक्त कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। मानसिक रूप से बीमार एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी पीड़ित नाबालिग को देना होगा। वहीं जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। यह सजा विशेष जज-पोस्को एक्ट- राजेश तोमर की अदालत ने सुनाई है। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल 2014 को नाबालिग पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना फतेहपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में नाबालिग के पिता ने आरोप लगाए थे कि 24 अप्रैल को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब उसकी बेटी स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रही थी। इस दौरान गांव का ही राम प्रसाद उसे बहला-फुसलाकर साथ लगते जंगल की ओर ले गया तथा उसके साथ दुराचार किया। शाम को घर लौटने पर पीड़िता ने अपनी मां को सारी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि लड़की के साथ दुराचार करने के दौरान गांव की ही एक महिला वारदात की चमदीद गवाह भी है। इसके बाद पुलिस ने थाना फतेहपुर में मामला दर्ज कर मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में लिया। इसके साथ हुआ। वहीं क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब धर्मशाला में भी सबूतों को जांच के लिए भेजा गया। बहरहाल स्पेशल जज (पोक्सो एक्ट) राजेश तोमर की अदालत में पहुंचे मामले में कुल 15 गवाह पेश किए गए। वीरवार को इस मामले में माननीय अदालत ने आरोपी के दोष सिद्ध होने पर उक्त सजा सुनाई।
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कोर्ट ने सुनाई सजा, 50 हजार रुपये भी भरना होगा जुर्माना
जुर्माना अदा न करने पर भुगतना होगा 6 माह अतिरिक्त कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। मानसिक रूप से बीमार एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी पीड़ित नाबालिग को देना होगा। वहीं जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। यह सजा विशेष जज-पोस्को एक्ट- राजेश तोमर की अदालत ने सुनाई है। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल 2014 को नाबालिग पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना फतेहपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में नाबालिग के पिता ने आरोप लगाए थे कि 24 अप्रैल को दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब उसकी बेटी स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर लौट रही थी। इस दौरान गांव का ही राम प्रसाद उसे बहला-फुसलाकर साथ लगते जंगल की ओर ले गया तथा उसके साथ दुराचार किया। शाम को घर लौटने पर पीड़िता ने अपनी मां को सारी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि लड़की के साथ दुराचार करने के दौरान गांव की ही एक महिला वारदात की चमदीद गवाह भी है। इसके बाद पुलिस ने थाना फतेहपुर में मामला दर्ज कर मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में लिया। इसके साथ हुआ। वहीं क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब धर्मशाला में भी सबूतों को जांच के लिए भेजा गया। बहरहाल स्पेशल जज (पोक्सो एक्ट) राजेश तोमर की अदालत में पहुंचे मामले में कुल 15 गवाह पेश किए गए। वीरवार को इस मामले में माननीय अदालत ने आरोपी के दोष सिद्ध होने पर उक्त सजा सुनाई।