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अवैध क्रशरों पर डंडा लोगों पर भारी

Mon, 03 Jul 2017 11:27 PM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:27 PM IST
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अवैध क्रशरों पर डंडा लोगों पर भारी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा की सीमाओं पर लगे अवैध स्टोन क्रशरों के बंद होने से वैध क्रशर मालिक मनमर्जी के दाम वसूल रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मात्र पांच-छह माह में ही रेत, बजरी और पत्थर के दाम बहुत अधिक बढ़ा दिए गए हैं, जबकि बढ़ते दामों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन के पास कोई पुख्ता योजना नहीं है। स्टोन क्रशर मालिकों पर रेत, बजरी और पत्थर के दाम निर्धारित होने की कोई ठोस नीति न होने के चलते इनकी मनमर्जी लोगों पर भारी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार पांच-छह महीने पहले 10 से 12 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से मिलने वाला रेत वर्तमान में 20 रुपये के आसपास मिल रहा है। इसके अलावा पांच से छह रुपये प्रति वर्ग फुट मिलने वाली बजारी के दाम भी आठ से 10 रुपये वसूल किए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है।
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एक्स फार्म मांगें तो बढ़ जाते हैं रेट
रोजाना स्टोन क्रशरों से अपने ट्रकों, टैंपो और टिप्परों में रेत, बजरी और क्रशर लेकर आने वाले चालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे जब क्रशर मालिकों से एक्स फार्म मांगते हैं, तो उनसे प्रतिवर्ग फुट के रेट बढ़ा कर मांगे जाते हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरन बिना इन फार्मों के सामान अपनी गाड़ियों लोड करवाना पड़ता है।
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बिना पूर्ण दस्तावेजों के न भरवाएं माल : ज्योति पुरी
खनन अधिकारी जिला कांगड़ा ने स्टोन क्रशरों से रेत, बजरी और पत्थर लेकर आने वाले चालकों से कहा है कि वे बिना एक्स फार्म के सामान न भरवाएं। जिला कांगड़ा में 54 के करीब स्टोन क्रशर विभाग के पास पंजीकृत हैं, जो बिना एक्स फार्म के किसी भी वाहन में सामान लोड नहीं करते हैं। अगर चालक बिना एक्स फार्म के सामान नहीं भरवाएंगे तो इसके रेट अपने आप कम हो जाएंगे। रेट बढ़ने का कारण पंजाब में अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रशरों का बंद होना भी है। यहां से चालक पहले बिना दस्तावेज पूरे किए सामान भरवा लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
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- रेत, बजरी और पत्थर के रेट निर्धारित करने के लिए कोई पॉलिसी नहीं है। इनके दाम मांग के ऊपर निर्धारित करते हैं। फिर भी अगर रेट अधिक हो रहे हैं तो इन रेटों के निर्धारण के बारे में जिला प्रशासन ठोस कदम उठाएगा।
-सीपी वर्मा, डीसी कांगड़ा
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