{"_id":"5a19aafa4f1c1ba7678bdc35","slug":"111511631610-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ोन पर पिन नंबर पूछ खाते से उड़ाए 96 हजार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ोन पर पिन नंबर पूछ खाते से उड़ाए 96 हजार
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां ब्लॉक की अमलेला पंचायत में साइबर क्राइम का मामला सामने आया है। पीड़ित भागमल पुत्र रोशन लाल रिटायर्ड शास्त्री शिक्षक अमलेला का कहना है कि 23 और 24 नवंबर को उन्हें 8677905334 नंबर से फोन आया और बताया गया कि वे शिमला एसबीआई ब्रांच से बात कर रहे हैं। इस दौरान बैंक एटीएम कार्ड नंबर और खाता नंबर के साथ पिन नंबर बताने को कहा गया।
भागमल का कहना है कि उन्हें शक भी हुआ, लेकिन जैसे-तैसे उनसे पिन नंबर मांग लिया गया। इतने में ही 23 नवंबर शाम चार बजे ही उनके खाते से पहले 54 हजार और 24 नवंबर को सुबह 10 बजे 42 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि मामले पर स्थानीय घाड़ जरोट एसबीआई शाखा में शिकायत के बाद एटीएम को ब्लॉक करा दिया है। उधर, डीएसपी वीर बहादुर सिंह का कहना है कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में पीड़ित व्यक्ति यदि शुरुआती घंटो में ही बैंक टोल फ्री नंबर या ब्रांच में जाकर कार्रवाई कर लें, तभी कुछ रकम बचाई जा सकती है। मामले पर पुलिस में शिकायत आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां ब्लॉक की अमलेला पंचायत में साइबर क्राइम का मामला सामने आया है। पीड़ित भागमल पुत्र रोशन लाल रिटायर्ड शास्त्री शिक्षक अमलेला का कहना है कि 23 और 24 नवंबर को उन्हें 8677905334 नंबर से फोन आया और बताया गया कि वे शिमला एसबीआई ब्रांच से बात कर रहे हैं। इस दौरान बैंक एटीएम कार्ड नंबर और खाता नंबर के साथ पिन नंबर बताने को कहा गया।
भागमल का कहना है कि उन्हें शक भी हुआ, लेकिन जैसे-तैसे उनसे पिन नंबर मांग लिया गया। इतने में ही 23 नवंबर शाम चार बजे ही उनके खाते से पहले 54 हजार और 24 नवंबर को सुबह 10 बजे 42 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि मामले पर स्थानीय घाड़ जरोट एसबीआई शाखा में शिकायत के बाद एटीएम को ब्लॉक करा दिया है। उधर, डीएसपी वीर बहादुर सिंह का कहना है कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में पीड़ित व्यक्ति यदि शुरुआती घंटो में ही बैंक टोल फ्री नंबर या ब्रांच में जाकर कार्रवाई कर लें, तभी कुछ रकम बचाई जा सकती है। मामले पर पुलिस में शिकायत आने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन