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एक हफ्ते में 60 फीसदी बढ़े सर्दी-जुखाम, बुखार और गले में दर्द के मरीज
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डॉक्टर आशुतोष जोशी, बाल रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल नूरपुर
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम और बुखार का प्रकोप जारी है। दिन और रात दोनों के तापमान में आ रहे लगातार बदलाव के बाद लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। इनमें खांसी, पेट खराब, बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा है। सिविल अस्पताल नूरपुर की बात करेें तो यहां बाल विशेषज्ञ के पास उपचार के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में एक हफ्ते के अंदर करीब 60 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि एक हफ्ता पहले सर्दी-जुकाम और बुखार के महज 20 से 25 मरीज रोजाना आ रहे थे। अब एक हफ्ते में ही इनकी संख्या बढ़कर करीब 55 से 60 हो गई है। उन्होंने बताया कि बार-बार बदलते मौसम में लोगों को सेहत का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है, जबकि रात को मौसम थोड़ा ठीक है? ऐसा मौसम सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसके अलावा पानी में खराबी और खान-पान में जरा सी लापरवाही सीधे बीमार कर रही है। यही कारण है कि इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर के रहे हैं।
क्या करें
- बार-बार हाथ धोने के अलावा सफाई का भी ध्यान रखें। खांसते समय रुमाल से मुंह और नाक को ढक लें।
- बदलते मौसम में गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। मौसमी फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज्यादा लेना चाहिए।
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- सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।
- बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। थकावट, संक्रामक जुकाम, उल्टी, दस्त, वायरल, बुखार जैसे लक्षण देखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या न करें
- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही जंक फूड से भी परहेज करें।
- बिस्तर से उठकर सीधे खुले में न जाएं, क्योंकि शरीर का तापमान संतुलित होने में समय लगता है।
- सुबह बहुत ज्यादा ठंडे पानी से स्नान करने से परहेज करें।
- छोटे बच्चे कपड़े गीले करते रहते हैं, उन्हें अधिक समय तक गीले कपड़े में नहीं रहने दें, निमोनिया का खतरा हो सकता।
- बाहर का खाना ना खाएं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि एक हफ्ता पहले सर्दी-जुकाम और बुखार के महज 20 से 25 मरीज रोजाना आ रहे थे। अब एक हफ्ते में ही इनकी संख्या बढ़कर करीब 55 से 60 हो गई है। उन्होंने बताया कि बार-बार बदलते मौसम में लोगों को सेहत का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा है, जबकि रात को मौसम थोड़ा ठीक है? ऐसा मौसम सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसके अलावा पानी में खराबी और खान-पान में जरा सी लापरवाही सीधे बीमार कर रही है। यही कारण है कि इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा मरीज वायरल फीवर के रहे हैं।
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क्या करें
- बार-बार हाथ धोने के अलावा सफाई का भी ध्यान रखें। खांसते समय रुमाल से मुंह और नाक को ढक लें।
- बदलते मौसम में गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। मौसमी फलों एवं सब्जियों का खाने में प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज्यादा लेना चाहिए।
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- सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है।
- बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। थकावट, संक्रामक जुकाम, उल्टी, दस्त, वायरल, बुखार जैसे लक्षण देखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या न करें
- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही जंक फूड से भी परहेज करें।
- बिस्तर से उठकर सीधे खुले में न जाएं, क्योंकि शरीर का तापमान संतुलित होने में समय लगता है।
- सुबह बहुत ज्यादा ठंडे पानी से स्नान करने से परहेज करें।
- छोटे बच्चे कपड़े गीले करते रहते हैं, उन्हें अधिक समय तक गीले कपड़े में नहीं रहने दें, निमोनिया का खतरा हो सकता।
- बाहर का खाना ना खाएं।