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Kangra News: कंडवाल से जसूर तक एनएच पर ब्लैक स्पॉट, हादसे का खतरा बढ़ा
Sat, 14 Feb 2026 08:33 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 14 Feb 2026 08:33 AM IST
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जसूर में छतरोली के पास बना ब्लैक स्पॉट। -स्रोत : जागरूक पाठक
जसूर (कांगड़ा)। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर कंडवाल से जसूर के बीच का सफर इन दिनों खतरे से खाली नहीं है। फोरलेन निर्माण कंपनी की कथित लापरवाही के चलते सड़क पर जगह-जगह बने ब्लैक स्पॉट और असमान्य प्रवेश-निकास मार्ग हादसों को न्योता दे रहे हैं। सड़क न केवल स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बनी है, बल्कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले पर्यटकों के लिए नाकारात्मक अनुभव दे रही है।
हालात यह हैं कि कंडवाल से जसूर तक का हिस्सा भले ही 80 प्रतिशत फोरलेन में तब्दील हो चुका है, लेकिन कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रैफिक अब भी सिंगल लेन से ही चल रहा है। भारी यातायात के दबाव के बीच ये ब्लैक स्पॉट वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस मार्ग पर सबसे खतरनाक स्थिति जसूर के समीप छतरौली पुल की है।
वर्षों से इस पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस कारण वाहनों को एक बेहद संकरे और कच्चे डायवर्जन से गुजरना पड़ता है। यह कच्चा रास्ता अक्सर धंस जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों में निर्माण कंपनी और प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद इन खतरनाक स्थानों को दुरुस्त नहीं किया गया।
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उधर, जिला पुलिस ने भी माना है कि सड़क के ये ब्लैक स्पॉट कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। पुलिस ने संबंधित विभाग से समन्वय कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। उधर, सड़क प्राधिकरण विभाग जसूर के रेजिडेंट इंजीनियर वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि फोरलेन पर मौजूद ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही धरातल पर सुधार दिखाई देगा।
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हालात यह हैं कि कंडवाल से जसूर तक का हिस्सा भले ही 80 प्रतिशत फोरलेन में तब्दील हो चुका है, लेकिन कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रैफिक अब भी सिंगल लेन से ही चल रहा है। भारी यातायात के दबाव के बीच ये ब्लैक स्पॉट वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस मार्ग पर सबसे खतरनाक स्थिति जसूर के समीप छतरौली पुल की है।
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वर्षों से इस पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस कारण वाहनों को एक बेहद संकरे और कच्चे डायवर्जन से गुजरना पड़ता है। यह कच्चा रास्ता अक्सर धंस जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों में निर्माण कंपनी और प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद इन खतरनाक स्थानों को दुरुस्त नहीं किया गया।
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उधर, जिला पुलिस ने भी माना है कि सड़क के ये ब्लैक स्पॉट कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। पुलिस ने संबंधित विभाग से समन्वय कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। उधर, सड़क प्राधिकरण विभाग जसूर के रेजिडेंट इंजीनियर वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि फोरलेन पर मौजूद ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही धरातल पर सुधार दिखाई देगा।