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यूजीसी का सातवां वेतनमान न मिलने से कॉलेज प्राध्यापक खफा

Thu, 19 May 2022 12:30 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 12:30 AM IST
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agitation of college teachers
नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर राजकीय उत्कृष्ट आर्य महाविद्यालय नूरपुर एचजीसीटीए की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष डॉ. पीएल भाटिया ने की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार से आश्वासन मिलने के बावजूद कई वर्षों से यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को महाविद्यालय व विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों के लिए लागू नहीं किया गया है। देशभर के 27 राज्यों के महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों के लिए यूजीसी के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया गया है। महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बीए, बीएससी, बीकॉम सहित सभी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार 12 मई से जारी रखा है। बुधवार से प्रैक्टिकल परीक्षाओं का बहिष्कार भी शुरू कर दिया गया है। महाविद्यालय स्तर पर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से गोपनीयता, गुणवत्ता व पवित्रता प्रभावित होगी।
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महासचिव डॉक्टर सोहन कुमार ने कहा कि एचजीसीटीए की राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन व प्रैक्टिकल परीक्षाओं का बहिष्कार शुरू कर दिया है। प्राचार्या डॉ. अरुणा शर्मा के माध्यम से प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को प्रस्ताव भेजे गए। संघ के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रोफेसर संजय कुमार जसरोटिया ने कहा कि पहली मई को हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ का राज्य स्तरीय अधिवेशन मंडी में आयोजित किया गया था। मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार को विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के प्राध्यापकों के लिए यूजीसी के 7वें वेतन आयोग की सिफारिश को अभिलंब लागू करने के लिए समय दिया गया था। वर्ष 2014 से एमफिल व पीएचडी की वेतन वृद्धि प्राध्यापकों के लिए बंद कर दी गई है। शिक्षा की गुणवत्ता व शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए एमफिल व पीएचडी की वेतन वृद्धि को बहाल किया जाए। हिमाचल लोक सेवा आयोग से चयनित होने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों के अनुबंध काल को सेवा काल में जोड़ा जाए। 85 महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पदों को शीघ्र भरा जाए। इस अवसर पर डॉ. दिनेश कुमार शर्मा, डॉ. नीरा रश्मि, प्रोफेसर सीमा ओहरी, प्रोफेसर अल्का आदि उपस्थित रहे।
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