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वकील ने मांगे शपथ पत्र सत्यापन के 5000 रुपये फीस
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:52 AM IST
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धर्मशाला। सरकारी कार्यालय में एक आदमी किस कदर परेशान होता है। इसका उदाहरण देखिये। दरअसल शपथ पत्र के सत्यापन के लिए आए एक शख्स से वकील ने 5000 रुपये फीस मांग ली। यह सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। काफी मनाने पर शपथ पत्र बनाने आए डढंब पंचायत के व्यक्ति ने वकील को 2000 रुपये दे दिए, लेकिन वकील फिर भी शपथपत्र देने में आनाकानी करने लगा और 5000 रुपये देने पर ही दस्तावेज सौंपने की बात कहने लगा। इतने पैसे न होने पर व्यक्ति एसडीएम धर्मशाला के कार्यालय पहुंचा। उन्होंने वकील की शपथ पत्र के सत्यापन की अधिक फीस लेने की शिकायत की।
इस पर एसडीएम ने वकील को कार्यालय बुलाया और व्यक्ति के पैसे वापस करने को कहा। इस पर वकील तल्ख हो गया और वहां से चला गया। थोड़ी देर बाद वकील एसडीएम कार्यालय में पहुुंचकर दो हजार रुपये देकर चला गया, लेकिन शपथ पत्र व्यक्ति को नहीं दिया। इस पूरे मामले में लगभग आधा दिन निकल गया। उसके बाद शिकायतकर्ता एडीसी कांगड़ा के पास वकील की शिकायत करने चले गए। एसडीएम और एडीसी के हस्तक्षेप के बाद वकील को 500 रुपये फीस दी गई और बाकी पैसे व्यक्ति को लौटाए गए।
तय होगी सत्यापन की फीस
उधर, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रामोत्रा ने कहा कि शपथ पत्र के सत्यापन की अधिक फीस लेने का मामले की शिकायत आई थी। उसके बाद पीड़ित को पैसे वापस लौटाए गए हैं। जल्द ही इस मामले में शपथ पत्र के सत्यापन फीस को लेकर बैठक की जाएगी। इसमें नोटरी व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बात की जाएगी।
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इस पर एसडीएम ने वकील को कार्यालय बुलाया और व्यक्ति के पैसे वापस करने को कहा। इस पर वकील तल्ख हो गया और वहां से चला गया। थोड़ी देर बाद वकील एसडीएम कार्यालय में पहुुंचकर दो हजार रुपये देकर चला गया, लेकिन शपथ पत्र व्यक्ति को नहीं दिया। इस पूरे मामले में लगभग आधा दिन निकल गया। उसके बाद शिकायतकर्ता एडीसी कांगड़ा के पास वकील की शिकायत करने चले गए। एसडीएम और एडीसी के हस्तक्षेप के बाद वकील को 500 रुपये फीस दी गई और बाकी पैसे व्यक्ति को लौटाए गए।
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तय होगी सत्यापन की फीस
उधर, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रामोत्रा ने कहा कि शपथ पत्र के सत्यापन की अधिक फीस लेने का मामले की शिकायत आई थी। उसके बाद पीड़ित को पैसे वापस लौटाए गए हैं। जल्द ही इस मामले में शपथ पत्र के सत्यापन फीस को लेकर बैठक की जाएगी। इसमें नोटरी व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बात की जाएगी।
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