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सील होगा राजा का तालाब का निजी अस्पताल

Tue, 14 Aug 2018 11:52 PM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:52 PM IST
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सील होगा राजा का तालाब का निजी अस्पताल
राजा का तालाब (कांगड़ा)। मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने के आरोप में क्षेत्र के एक निजी अस्पताल को सील किया जाएगा। यह फरमान स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों के बाद हरकत में आए विभाग ने जारी किए हैं। वहीं अस्पताल पर स्वास्थ्य बीमा कार्ड से फर्जी तरीके से पैसे निकलवाने और एक व्यक्ति के पेट में अल्सर होने की बात को लेकर आपरेशन करके मरीज को मझधार में छोड़ने को लेकर निजी अस्पताल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी।
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के आदेशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के खिलाफ शिकायत किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने दो टूक कहा कि अगर अस्पताल सील करना पड़े तो इससे परहेज नहीं किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सीएमओ को पुलिस को शिकायत सौंपने के अलावा जिलाधीश और एसपी को कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। वहीं मंत्री के आदेशों के बाद सीएमओ ने बीएमओ को शिकायत दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। सीएमओ डॉ. आरएस राणा ने कहा कि मंत्री के आदेशों के बाद निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही शिकायत पुलिस को सौंपी जाएगी। वहीं, एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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यह है मामला
इंदौरा के केहरी की किरण देवी का आरोप है कि उसका गलत ऑपरेशन किया गया, जिस कारण महिला को कैंसर हो गया। जिसका इलाज आईजीएमसी में चल रहा है। वहीं परड़ूही गांव के कर्म चंद को अचानक पेट में दर्द हुआ तो परिवार के सदस्य 11 जुलाई को उन्हें इसी अस्पताल में ले गए। चिकित्सकों ने भी ऑपरेशन कर दिया। टांके खोलकर उन्हें घर भेज दिया। लेकिन चिकित्सकों ने जहां ऑपरेशन के लिए चीरा लगाया था, वहां से पेट खुल गया था। दूसरे ही दिन परिजन उन्हें दोबारा निजी अस्पताल ले आए। 10-12 दिन तक वहां दाखिल रखा। लेकिन जब चिकित्सकों के हाथ खडे़ हो गए तो परिजनों को बताया कि इन्हें टांडा रेफर किया कर दिया। 25 जुलाई से कर्म चंद टांडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। मनरेगा के तहत बने हेल्थ कार्ड में सिर्फ 1500 रुपये बचे हैं। आरोप है कि बाकी लगभग 28500 रुपये फतेहपुर के अधीन इस अस्पताल ने उड़ा लिए।
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किसी और की मान्यता वाले अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी और की मान्यता पर चल रहे प्राइवेट अस्पतालों पर भी कार्रवाई होगी। परमार ने कहा कि हिमाचल में देखने को आया है कि निजी अस्पतालों को किसी और के नाम से मान्यता प्राप्त है। जिसके नाम पर मान्यता ले रखी है, वह अस्पताल में नहीं होते हैं या फिर अस्पताल का संचालन नहीं करते हैं या फिर अस्पताल छोड़ चुके हैं। अब ऐसे अस्पतालों पर सरकार कार्रवाई करेगी।
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