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फार्मासिस्टों की पदोन्नति जल्द हो
Updated Thu, 30 Nov 2017 11:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जवाली (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों की बतौर चीफ फार्मासिस्ट पदोन्नति न होने के कारण फार्मासिस्ट काफी सकते में हैं। बतौर चीफ फार्मासिस्ट पदोन्नति न होने के कारण फार्मासिस्टों में रोष है।
हिमाचल प्रदेश फार्मासिस्ट संघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत भूषण ने कहा कि सितंबर माह में इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को एसीआर भी भेजी गई थीं, लेकिन बाद में आचार संहिता लग जाने के कारण पदोन्नतियां लटक गई हैं। उन्होंने कहा कि कई फार्मासिस्ट जनवरी-फरवरी और मार्च माह में सेवानिवृत्त हो जाएंगे और पदोन्नति होने में देरी हुई तो वे पदोन्नति का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। भरत भूषण ने कहा कि फार्मासिस्टों की बैचवाइज नियुक्तियों के लिए भी करीब 8 माह पहले इंटरव्यू हुए थे, लेकिन वे नियुक्तियां भी आचार संहिता में ही उलझ कर रह गईं। उन्होंने कहा कि कमीशन के आधार पर 142 पदों को भरने की प्रक्रिया भी आचार संहिता में उलझ गई है। भरत भूषण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों के कई पद रिक्त हैं, जिससे अस्पतालों का काम चरमरा कर रह जाता है। उन्होंने मांग की है कि शीघ्र आचार संहिता के फेर में उलझी हुई पदोन्नतियों और नियुक्तियों को इलेक्शन कमीशन से परमिशन लेकर भरने की प्रक्रिया शुरू हो, ताकि पदोन्नति का लाभ से वंचित रह रहे फार्मास्टिों को लाभ मिल सके, वहीं बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार मिल सके।
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जवाली (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों की बतौर चीफ फार्मासिस्ट पदोन्नति न होने के कारण फार्मासिस्ट काफी सकते में हैं। बतौर चीफ फार्मासिस्ट पदोन्नति न होने के कारण फार्मासिस्टों में रोष है।
हिमाचल प्रदेश फार्मासिस्ट संघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत भूषण ने कहा कि सितंबर माह में इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को एसीआर भी भेजी गई थीं, लेकिन बाद में आचार संहिता लग जाने के कारण पदोन्नतियां लटक गई हैं। उन्होंने कहा कि कई फार्मासिस्ट जनवरी-फरवरी और मार्च माह में सेवानिवृत्त हो जाएंगे और पदोन्नति होने में देरी हुई तो वे पदोन्नति का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। भरत भूषण ने कहा कि फार्मासिस्टों की बैचवाइज नियुक्तियों के लिए भी करीब 8 माह पहले इंटरव्यू हुए थे, लेकिन वे नियुक्तियां भी आचार संहिता में ही उलझ कर रह गईं। उन्होंने कहा कि कमीशन के आधार पर 142 पदों को भरने की प्रक्रिया भी आचार संहिता में उलझ गई है। भरत भूषण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों के कई पद रिक्त हैं, जिससे अस्पतालों का काम चरमरा कर रह जाता है। उन्होंने मांग की है कि शीघ्र आचार संहिता के फेर में उलझी हुई पदोन्नतियों और नियुक्तियों को इलेक्शन कमीशन से परमिशन लेकर भरने की प्रक्रिया शुरू हो, ताकि पदोन्नति का लाभ से वंचित रह रहे फार्मास्टिों को लाभ मिल सके, वहीं बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार मिल सके।
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