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न हुआ समापन समारोह, न मिला खिलाड़ियों को सम्मान
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:53 PM IST
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न समापन समारोह हुआ, न खिलाड़ियों को मिला सम्मान
आयोजकों से नाराज होकर बुधवार को ही खिलाड़ी चले गए थे वापस
क्रिकेट, कबड्डी सहित कई खेल स्पर्धाएं हुईं ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। भारत खेल विकास बोर्ड की धर्मशाला में हुई राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का वीरवार को न ही समापन हुआ और न ही किसी विजेता खिलाड़ी को सम्मानित किया गया। पहले दिन से ही विवादों में आई प्रतियोगिता में क्रिकेट, कबड्डी सहित अन्य कई खेलों का आयोजन ही नहीं हो पाया।
वहीं, आयोजकों की अव्यवस्थाओं से नाराज होकर खिलाड़ी बुधवार को ही वापस लौट गए थे। ऐसे में वीरवार को समापन भी नहीं हो पाया है। ऐसे में बिना सम्मान समारोह के ही भारत खेल विकास बोर्ड की इंटर स्टेट स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन हो गया। प्रतियोगिता में देश में 22 राज्यों से दो हजार खिलाड़ियों ने पंजीकरण करवाया था। आयोजकों के प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार यहां पर 25 खेल स्पर्धाएं होनी थीं। इसमें पंजाब को बिना खेले ही क्रिकेट का विजेता, जबकि मध्य प्रदेश को उपविजेता घोषित कर दिया था। इस पर मध्य प्रदेश टीम ने बिना मैच खेले रजत पदक लेने से साफ इनकार कर दिया था। यही नहीं आयोजकों ने खिलाड़ियों से पंजीकरण के लिए 2500 रुपये प्रति खिलाड़ी वसूल किया था। इसमें उन्हें रहने और खाने दोनों सुविधाएं देने की बात कही थी, लेकिन यहां न तो खिलाड़ियों को रहने की व्यवस्था मिली और न ही खाने की सुविधा। वहीं भारतीय खेल विकास बोर्ड के पदाधिकारी आयोजन के संबंध में कोई बात नहीं कर रहे हैं।
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आयोजकों से नाराज होकर बुधवार को ही खिलाड़ी चले गए थे वापस
क्रिकेट, कबड्डी सहित कई खेल स्पर्धाएं हुईं ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। भारत खेल विकास बोर्ड की धर्मशाला में हुई राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का वीरवार को न ही समापन हुआ और न ही किसी विजेता खिलाड़ी को सम्मानित किया गया। पहले दिन से ही विवादों में आई प्रतियोगिता में क्रिकेट, कबड्डी सहित अन्य कई खेलों का आयोजन ही नहीं हो पाया।
वहीं, आयोजकों की अव्यवस्थाओं से नाराज होकर खिलाड़ी बुधवार को ही वापस लौट गए थे। ऐसे में वीरवार को समापन भी नहीं हो पाया है। ऐसे में बिना सम्मान समारोह के ही भारत खेल विकास बोर्ड की इंटर स्टेट स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन हो गया। प्रतियोगिता में देश में 22 राज्यों से दो हजार खिलाड़ियों ने पंजीकरण करवाया था। आयोजकों के प्रस्तावित प्रारूप के अनुसार यहां पर 25 खेल स्पर्धाएं होनी थीं। इसमें पंजाब को बिना खेले ही क्रिकेट का विजेता, जबकि मध्य प्रदेश को उपविजेता घोषित कर दिया था। इस पर मध्य प्रदेश टीम ने बिना मैच खेले रजत पदक लेने से साफ इनकार कर दिया था। यही नहीं आयोजकों ने खिलाड़ियों से पंजीकरण के लिए 2500 रुपये प्रति खिलाड़ी वसूल किया था। इसमें उन्हें रहने और खाने दोनों सुविधाएं देने की बात कही थी, लेकिन यहां न तो खिलाड़ियों को रहने की व्यवस्था मिली और न ही खाने की सुविधा। वहीं भारतीय खेल विकास बोर्ड के पदाधिकारी आयोजन के संबंध में कोई बात नहीं कर रहे हैं।
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