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SMS से लिया इंटरव्यू, लगा डाली फर्जी नौकरी
अमर उजाला, परवाणू (सोलन)
Updated Sun, 12 Jan 2014 08:47 AM IST
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भारतीय उपवन विभाग केंद्र के नाम पर परवाणू के युवक से नौकरी के नाम 85500 रुपये की ठगी की गई। छपे विज्ञापन को पढ़कर युवक ने दर्शाए नंबरों पर संपर्क किया और वह शातिरों के जाल में फंस गया।
एसएमएस के माध्यम से इंटरव्यू लेकर शातिरों ने जाल बुनते हुए युवक को राजस्थान के कोटा का ऑफर लेटर देने की बात कही। वहीं, चंडीगढ़ एडजस्टमेंट करवाने के लिए और रुपयों की डिमांड की। शक होने पर युवक ने सूचना परवाणू थाने में दी। पुलिस ने अज्ञात शातिरों पर भादंसं की धारा 420, 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दीपक चंद पुत्र ओम प्रकाश निवासी पपरोला रोड, कालका ने बताया कि उसने नौकरी का विज्ञापन पढ़ा। इसमें भारतीय उपवन विभाग केंद्र ने फील्ड स्टाफ लगाने के लिए आवेदन मांगा था। वहीं, एसएमएस से बायोडाटा भेजने के लिए कहा गया।
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इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद उससे मोबाइल पर किसी ईशु शर्मा ने कुछ प्रश्न पूछे और 48 घंटे तक जवाब की प्रतीक्षा के लिए कहा। इसके बाद भारतीय वन विभाग के नाम से फार्म आदि डाक से प्राप्त हुए, जिसमें सिक्योरिटी जमा करने के लिए संपर्क नंबर दिया गया।
उस पर बात करने पर उसे एक खाता नंबर जारी किया गया। इसमें भारतीय स्टेट बैंक परवाणू के माध्यम से 15500 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद 12,500 रुपये खाते में जमा करवाए। कुछ समय बाद उसे 10 हजार रुपये और जमा करने को कहा, जिस पर इसने वह भी जमा करवा दिए। 28 दिसंबर को शाम को उसे फोन पर बताया गया कि केस लंबित है।
तर्क दिया गया कि 12,500 रुपये अलग-अलग जमा करवाए हैं। यह आपको एक साथ जमा करवाने थे, अब आपको 22,500 रुपये जमा करवाने होंगे और शिकायतकर्ता ने उसकी बात मानते हुए रकम जमा करवा दी। कुछ दिनों बाद बताया गया कि उसकी सिलेक्शन हो गई है।
ज्वाइन राजस्थान के कोटा में करना होगा। अगर एडजस्टमेंट चंडीगढ़ करवानी है तो 25 हजार रुपये जमा करवाएं। वेरिफिकेशन के लिए आपके पास 2 आदमी आएंगे। एक जनवरी तक कोई भी आदमी युवक के पास नहीं आया। जबकि 25 हजार भी 31-12-2013 को ही जमा करवा दिए थे।
वेरिफिकेशन के लिए कोई आदमी न आने पर शिकायतकर्ता ने संबंधित नंबरों पर संपर्क साधा तो 5500 रुपये और जमा करवाने की बात कही, जिस पर शक होने पर उसने पैसे जमा करने से मना कर दिया। पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश छाजटा ने कहा कि कुल 85,500 रुपये की ठगी की गई है। इस संदर्भ में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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एसएमएस के माध्यम से इंटरव्यू लेकर शातिरों ने जाल बुनते हुए युवक को राजस्थान के कोटा का ऑफर लेटर देने की बात कही। वहीं, चंडीगढ़ एडजस्टमेंट करवाने के लिए और रुपयों की डिमांड की। शक होने पर युवक ने सूचना परवाणू थाने में दी। पुलिस ने अज्ञात शातिरों पर भादंसं की धारा 420, 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दीपक चंद पुत्र ओम प्रकाश निवासी पपरोला रोड, कालका ने बताया कि उसने नौकरी का विज्ञापन पढ़ा। इसमें भारतीय उपवन विभाग केंद्र ने फील्ड स्टाफ लगाने के लिए आवेदन मांगा था। वहीं, एसएमएस से बायोडाटा भेजने के लिए कहा गया।
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इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद उससे मोबाइल पर किसी ईशु शर्मा ने कुछ प्रश्न पूछे और 48 घंटे तक जवाब की प्रतीक्षा के लिए कहा। इसके बाद भारतीय वन विभाग के नाम से फार्म आदि डाक से प्राप्त हुए, जिसमें सिक्योरिटी जमा करने के लिए संपर्क नंबर दिया गया।
उस पर बात करने पर उसे एक खाता नंबर जारी किया गया। इसमें भारतीय स्टेट बैंक परवाणू के माध्यम से 15500 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद 12,500 रुपये खाते में जमा करवाए। कुछ समय बाद उसे 10 हजार रुपये और जमा करने को कहा, जिस पर इसने वह भी जमा करवा दिए। 28 दिसंबर को शाम को उसे फोन पर बताया गया कि केस लंबित है।
तर्क दिया गया कि 12,500 रुपये अलग-अलग जमा करवाए हैं। यह आपको एक साथ जमा करवाने थे, अब आपको 22,500 रुपये जमा करवाने होंगे और शिकायतकर्ता ने उसकी बात मानते हुए रकम जमा करवा दी। कुछ दिनों बाद बताया गया कि उसकी सिलेक्शन हो गई है।
ज्वाइन राजस्थान के कोटा में करना होगा। अगर एडजस्टमेंट चंडीगढ़ करवानी है तो 25 हजार रुपये जमा करवाएं। वेरिफिकेशन के लिए आपके पास 2 आदमी आएंगे। एक जनवरी तक कोई भी आदमी युवक के पास नहीं आया। जबकि 25 हजार भी 31-12-2013 को ही जमा करवा दिए थे।
वेरिफिकेशन के लिए कोई आदमी न आने पर शिकायतकर्ता ने संबंधित नंबरों पर संपर्क साधा तो 5500 रुपये और जमा करवाने की बात कही, जिस पर शक होने पर उसने पैसे जमा करने से मना कर दिया। पुलिस अधीक्षक सोलन रमेश छाजटा ने कहा कि कुल 85,500 रुपये की ठगी की गई है। इस संदर्भ में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।