HPU Shimla: यूआईटी में 90 प्रतिशत छात्र फेल, मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर सवाल; निष्पक्ष जांच की मांग
एचपीयू शिमला के यूआईटी के द्वितीय, चतुर्थ एवं छठे सेमेस्टर के हाल ही में घोषित परिणामों में लगभग 90 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं। इस असामान्य विफलता दर को लेकर छात्र परिषद ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईटी) के द्वितीय, चतुर्थ एवं छठे सेमेस्टर के हाल ही में घोषित परिणामों में लगभग 90 प्रतिशत छात्रों के फेल होने पर विश्वविद्यालय की परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस असामान्य विफलता दर को लेकर छात्र परिषद ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
छात्र परिषद के अनुसार यह स्थिति किसी एक विषय या विभाग तक सीमित नहीं है बल्कि कंप्यूटर साइंस, सिविल, आईटी, इलेक्ट्रिकल और ईसीई सहित सभी शाखाओं में समान रूप से सामने आई है। परिषद का कहना है कि सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का अनुत्तीर्ण होना प्रणालीगत मूल्यांकन विसंगति की ओर इशारा करता है।
परिषद ने बताया कि उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड रखने वाले 9.0 या उससे अधिक सीजीपीआई वाले छात्रों का भी सामूहिक रूप से अनुत्तीर्ण होना चिंताजनक है। कई मामलों में उत्तर पुस्तिकाओं में शून्य अंक दर्ज किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे मूल्यांकन, अंक-संकलन और परिणाम प्रसंस्करण में गंभीर त्रुटियों की आशंका जताई जा रही है। मामले को लेकर ईटीएसए एवं यूआईटी छात्र परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने नियंत्रक परीक्षाएं से भेंट कर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई।
छात्रों ने शिकायत ध्यान में लाई है। जानकारी उच्च प्रशासन तक पहुंचाई गई है। जल्दी ही इस पर कार्रवाई की जाएगी। -प्रो. श्याम लाल कौशल, परिक्षा नियंत्रक, एचपीयू