{"_id":"68921c6d6381a3d19a00d480","slug":"himachal-rajiv-gandhi-day-boarding-100-schools-with-more-number-of-students-will-shift-to-cbse-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश: राजीव गांधी डे बोर्डिंग, अधिक छात्र संख्या वाले 100 स्कूल सीबीएसई में होंगे शिफ्ट, जानें वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश: राजीव गांधी डे बोर्डिंग, अधिक छात्र संख्या वाले 100 स्कूल सीबीएसई में होंगे शिफ्ट, जानें वजह
Wed, 06 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अनिमेष कौशल, शिमला
अनिमेष कौशल, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 06 Aug 2025 05:00 AM IST
सार
हिमाचल में स्कूल शिक्षा बोर्ड से लगभग सभी 1,900 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संबद्ध हैं, जिनमें से पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों की शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुकूल और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए उन्हें सीबीएसई में शिफ्ट किया जाएगा। राज्य में स्कूल शिक्षा बोर्ड से लगभग सभी 1,900 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल संबद्ध हैं, जिनमें से पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा जाएगा। यह बदलाव अगले शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होगा, लेकिन एफिलिएशन की प्रक्रिया वर्तमान सत्र में पूरी करने का लक्ष्य है। सुक्खू सरकार का यह निर्णय न केवल सरकारी स्कूलों की शिक्षा को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच पर बेहतर अवसर भी प्रदान करेगा।
विज्ञापन
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से ऐसे स्कूलों की सूची भेजें जो इन दोनों मापदंडों पर खरे उतरते हों। प्राथमिकता ऐसे स्कूलों को दी जा रही है जो उपमंडल मुख्यालयों में स्थित हैं या वहां के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शैक्षणिक केंद्र की भूमिका निभा रहे हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि इन स्कूलों तक पहुंच रखने वाले अधिकतम छात्र इस पहल से लाभान्वित हों। पूर्व सरकार के समय से चल रहे अटल आदर्श विद्यालयों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
सीबीएसई से एफिलिएशन मिलने पर विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर का पाठ्यक्रम मिलेगा, जो जेईई, नीट, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयुक्त होगा। साथ ही, कॅरिअर गाइडेंस, छात्रवृत्ति और डिजिटल लर्निंग टूल्स जैसे स्मार्ट क्लासेस की सुविधा भी मिलेगी। शिक्षकों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्कूलों की भौतिक संरचना को और सुदृढ़ किया जाएगा।
विज्ञापन