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Himachal News: खुंब अनुसंधान केंद्र सोलन ने तैयार की शिटाके-330 प्रजाति, कैंसर को नियंत्रित करने में है सहायक

Sun, 27 Jul 2025 10:25 AM IST
अंकेश डोगरा ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
ललित कश्यप, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 27 Jul 2025 10:25 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के खुंब अनुसंधान केंद्र सोलन ने शिटाके मशरूम की एक नई प्रजाति ईजाद की है। वैज्ञानिकों का दावा है कि शिटाके 330 कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने में सहायक है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Mushroom Research Center Solan has developed Shitake-330 species it is helpful in controlling cancer
डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक खुंब अनुसंधान केंद्र सोलन, डीएमआरओ 330 शटाके मशरूम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

खुंब अनुसंधान केंद्र सोलन ने शिटाके मशरूम की एक नई प्रजाति ईजाद की है। डीएमआरओ शिटाके 330 नामक किस्म की खास बात यह है कि यह पहले वाली शिटाके मशरूम से दोगुना अधिक फसल देगी। इसकी फ्रूट बॉडी पहले वाली मशरूम से मोटी और बड़ी है। मशरूम भी 45 दिन में तैयार हो जाएगी। स्वाद में कड़वी होने के कारण इसका प्रयोग कॉफी और कैप्सूल में होता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि शिटाके 330 कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने में सहायक है।

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जानकारी के अनुसार खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन ने शिटाके 330 को भी लकड़ी के बुरादे पर तैयार किया है। देश भर में खुंब अनुसंधान केंद्र इस औषधीय मशरूम को तैयार करने में पहले स्थान पर है। इसका अधिकतर प्रयोग कॉफी और दवाओं में होता है। स्वाद में बेहद कड़वी होने से दवा में इसका प्रयोग कैप्सूल में किया जाता है। सूखी मशरूम के 5,000 रुपये प्रति किलो दाम मिलते हैं। मशरूम को सीधे दवा कंपनियों को सप्लाई किया जाता है। यह मशरूम कैंसर की दवा का मुख्य स्रोत है।

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शिटाके रिच एंटी ऑक्सीडेंट का स्रोत होने के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। डीएमआर की ओर से डीएमआर शिटाके 330 का स्पॉन तैयार करने के बाद इसे उगाने पर शोध चल रहा था। इसमें अब सफलता मिल गई है। यह मशरूम लकड़ी के बुरादे पर ही 16-18 डिग्री तापमान पर 45 दिनों में तैयार होगी।

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वैज्ञानिकों ने शिटाके मशरूम की नई किस्म तैयार की है। इसको तैयार करने में डीएमआर भारत में पहले और दुनिया में पांचवें स्थान पर है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को नियंत्रित करने में यह मशरूम बहुत सहायक है -डॉ. वीपी शर्मा, निदेशक, खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन

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