Himachal Budget 2025: अस्पताल में नियुक्त होंगे रोगी मित्र, बुजुर्गों का घर द्वार पर होगा उपचार; जानें सबकुछ
Himachal Budget 2025: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं की। हिमाचल सरकार ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में एक हजार के करीब रोगी मित्र नियुक्त करने का फैसला लिया है। वहीं, मुख्यमंत्री वृद्धजन देखभाल योजना भी शुरू की गई है। जानें सबकुछ विस्तार से...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में स्वास्थ्य के क्षेत्र को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के लिए रोगी मित्र योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में एक हजार के करीब रोगी मित्र नियुक्त करने का फैसला लिया है। इन रोगी मित्रों को 15 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। इस पर प्रदेश सरकार 18 करोड़ रुपये व्यय करेगी। वहीं 70 साल से ऊपर आयु वर्ग के बुजुर्गों का घर द्वार उपचार हो सकेगा। इसके लिए मुख्यमंत्री वृद्धजन देखभाल योजना शुरू करने का फैसला लिया है।
इस योजना के तहत स्वास्थ्य और पैरामेडिकल स्टाफ मोबाइल स्वास्थ्य वैन के माध्यम से बुजुर्गों का घर पर स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। हमीरपुर, मंडी मेडिकल कॉलेज में ह्रदय रोगियों का उपचार होगा। इन कॉलेजों में कैथ लैब खुलेगी। सीएम ने अस्पतालों में लंबी कतारों से निजात दिलाने के लिए सुगम स्वास्थ्य नाम की नई एप शुरू करने का एलान किया है। यह सुविधा सभी मेडिकल कॉलेज, चम्याणा, केएनएच, 9 जिला अस्पतालों और 36 जिला अस्पतालों में उपचार के लिए लोग घर द्वार पर ही पर्ची बना सकेंगे। डॉक्टरों की अपॉइंटमेंट भी आनलाइन ली जा सकेगी। प्रदेश सरकार के इस फैसले से बुजुर्गों को अस्पतालों में उपचार करने के लिए लाइन में खड़े होने से निजात मिलेगी।
हिमाचल के 69 संस्थानों में से 20 में डायलसिस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। आगामी वित्त वर्ष में 11 स्वास्थ्य संस्थानों घवांडल, चुवाड़ी, भोरंज, नादौन, तयारा, जयसिंहपुर, पद्धर, धर्मपुर, जुन्गा, हरोली और अंब में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाएंगे। बीमार नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और ऊना जिले में 17 न्यू बोर्न स्टाइवेलाइजेशन यूनिट स्थापित होंगे।
चमियाना, टांडा में रोबेटिक सर्जरी, आईजीएमसी में पैट स्कैन
मुख्यमंत्री ने एम्स दिल्ली की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए 45 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू होगी। आईजीएमसी में 20 करोड़ 73 लाख 12 हजार की लागत से तीन महीने के भीतर पैट स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं 100 करोड़ की लागत से आईजीएमसी, चमियाना, हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की अत्याधुनिक मशीनें लगेंगी। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और आदर्श अस्पतालों में विश्व स्तरीय उपचार उपलब्ध करवाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जीका) के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता के लिए 1 हजार 700 करोड़ रुपये सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
हिमाचल में 10 नए हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इन केंद्रों को निजी क्षेत्र के सहयोग से स्थापित किया जाएगा।
डॉक्टरों का रुकेगा पलायन, वजीफे में बढ़ोतरी
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशलिटी चमियाना में सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर स्पेशलिस्ट को वर्तमान में वजीफे के रुपये में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की पढ़ाई के लिए प्रदान की जा रही राशि 60, 62 और 65 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की घोषणा की है। वहीं डीएनबी- सुपर स्पेशिलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट - सुपर स्पेशिलिस्ट (डीएम/एम सीएच) के वजीफे को 62 हजार व 65 हजार से बढ़ाकर एक लाख 30 हजार रुपये किया है। वजीफे में बढ़ोतरी किए जाने से डाक्टरों का हिमाचल से पलायन रुकेगा।
सीएम ने अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर में आउटसोर्स पर तैनात ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट को 7 हजार 1 सौ 80 रुपये की बढ़ोतरी के साथ अब 17 हजार 820 रुपये और रेडियोग्राफर का मासिक मानदेय 11 हजार 900 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 13 हजार 100 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है।
अब 27 वर्ष तक वालों को भी मुफ्त इन्सुलिन पंप
प्रदेश सरकार डायबिटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए मुफ्त इंसुलिन पंप उपलब्ध करा रही है। आगामी वित्त वर्ष से यह सुविधा अब 27 वर्ष तक के युवक और युवतियों को भी उपलब्ध होगी।
प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय प्रशामक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के तहत सरकार गंभीर बीमारियों से ग्रसित लगभग 12 हजार रोगियों के लिए पैलिएटिव केयर सेवाएं चरणब तरीके से लागू करने के साथ-सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों को पैलिएटिव केयर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के लिए घर जाकर उपचार होगा। परिवार के सदस्यों को देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बच्चों को कुपोषण से बचाएगी सरकार
बच्चों को कुपोषण की समस्या को देखते हुए हमीरपुर जिले में आईआईटी मुंबई के समन्वय से पायलट आधार पर 6 माह से अधिक आयु के बच्चों के स्तनपान की इम्प्रोवाइज तकनीक और पूरक आहार पर अध्ययन किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध करवाने के लिए अतिरिक्त 290 आशा वर्करों का चयन किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की नीतियों और कार्यक्रमों की योजना, कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन को आसान बनाने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र स्वास्थ्य क्षेत्रों में शोध, स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण और सामुदायिक संगठनों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देगा।
कमांड सेंटर होंगे स्थापित
प्रदेश में नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए केएनएच और मेडिकल काॅलेज नेरचौक, मंडी में कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के अन्य सभी सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट को इन सेंटर से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 25 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की खरीद की जाएगी।