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Hamirpur (Himachal) News: 25 करोड़ के मिनी सचिवालय में बिजली गुल होने पर ठप हो रहा काम
Mon, 21 Sep 2026 12:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:58 AM IST
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मिनी सचिवालय बड़सर का भवन। संवाद
बड़सर (हमीरपुर)। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मिनी सचिवालय बड़सर बिजली व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। 24 अक्टूबर 2025 को उद्घाटन के बाद करीब एक साल होने को है, लेकिन इतने बड़े प्रशासनिक भवन में बिजली गुल होने की स्थिति से निपटने के लिए अब तक न जनरेटर की व्यवस्था की गई है और न ही सोलर रूफटॉप प्लांट लगाया गया है।
बिजली आपूर्ति बाधित होते ही सरकारी कामकाज प्रभावित होने लगता है। मिनी सचिवालय में रोजाना सैकड़ों लोग राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न प्रमाणपत्रों से जुड़े कार्यों के लिए पहुंचते हैं। बिजली जाते ही कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, टोकन मशीन और ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं।
इससे लोगों को काम शुरू होने के इंतजार में कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों पंकज, दीपक और रविंद्र आदि का कहना है कि इतने बड़े प्रशासनिक भवन में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था होना जरूरी है।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन में पावर बैकअप का इंतजाम न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
लिफ्ट में फंसने का भी खतरा
बिजली बाधित होने का असर सिर्फ सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं है। मिनी सचिवालय में लगी लिफ्ट भी बिजली आपूर्ति बाधित होने पर बीच रास्ते में रुक जाती है। बैकअप व्यवस्था न होने से लिफ्ट में लोगों के फंसने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग लोगों को खास तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मिनी सचिवालय में तत्काल पर्याप्त पावर बैकअप की व्यवस्था करने की मांग उठाई है, ताकि सरकारी सेवाएं भी सुचारू रहें और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
कोट
फिलहाल मिनी सचिवालय में जनरेटर या रूफटॉप सोलर प्लांट की कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली सेवाएं बाधित होने की स्थिति में कंप्यूटर के लिए यूपीएस की सुविधा उपलब्ध है। अभी तक बिजली जाने से ऐसी कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई है। इसके बावजूद मामले को उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया जाएगा। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर
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बिजली आपूर्ति बाधित होते ही सरकारी कामकाज प्रभावित होने लगता है। मिनी सचिवालय में रोजाना सैकड़ों लोग राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न प्रमाणपत्रों से जुड़े कार्यों के लिए पहुंचते हैं। बिजली जाते ही कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, टोकन मशीन और ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो जाती हैं।
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इससे लोगों को काम शुरू होने के इंतजार में कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों पंकज, दीपक और रविंद्र आदि का कहना है कि इतने बड़े प्रशासनिक भवन में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था होना जरूरी है।
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आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन में पावर बैकअप का इंतजाम न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
लिफ्ट में फंसने का भी खतरा
बिजली बाधित होने का असर सिर्फ सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं है। मिनी सचिवालय में लगी लिफ्ट भी बिजली आपूर्ति बाधित होने पर बीच रास्ते में रुक जाती है। बैकअप व्यवस्था न होने से लिफ्ट में लोगों के फंसने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग लोगों को खास तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मिनी सचिवालय में तत्काल पर्याप्त पावर बैकअप की व्यवस्था करने की मांग उठाई है, ताकि सरकारी सेवाएं भी सुचारू रहें और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
कोट
फिलहाल मिनी सचिवालय में जनरेटर या रूफटॉप सोलर प्लांट की कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली सेवाएं बाधित होने की स्थिति में कंप्यूटर के लिए यूपीएस की सुविधा उपलब्ध है। अभी तक बिजली जाने से ऐसी कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई है। इसके बावजूद मामले को उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया जाएगा। -स्वाति डोगरा, एसडीएम बड़सर