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Hamirpur (Himachal) News: मेलों में महिलाओं को मिलेगा उत्पादों की बिक्री का मंच
Mon, 21 Sep 2026 12:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:53 AM IST
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हमीरपुर। जिलेभर के उपमंडलों की महिलाओं को अब विभिन्न मेलों और आयोजनों में अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलेगा। खंड से लेकर उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रदर्शनियां लगाने का अवसर दिया जाएगा।
इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्टाल आवंटित किए जाएंगे। डीआरडीए के माध्यम से मेलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग आयोजनों की जानकारी देने के साथ स्टाल लगाने में भी सहयोग करेगा। इन स्टालों पर महिलाएं अचार, पापड़, मसाले, बांस से तैयार सामान, हस्तशिल्प सहित अन्य घरेलू उत्पाद बेच सकेंगी।
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इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना है। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए अलग से बाजार तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित होंगी।
कोट
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत अब खंड से उपमंडल स्तर तक लगने वाले मेलों में समूहों की महिलाओं को मंच प्रदान किया जाएगा। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक, सह परियोजना अधिकारी डीआरडीए
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इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्टाल आवंटित किए जाएंगे। डीआरडीए के माध्यम से मेलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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विभाग आयोजनों की जानकारी देने के साथ स्टाल लगाने में भी सहयोग करेगा। इन स्टालों पर महिलाएं अचार, पापड़, मसाले, बांस से तैयार सामान, हस्तशिल्प सहित अन्य घरेलू उत्पाद बेच सकेंगी।
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इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना है। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए अलग से बाजार तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही अन्य महिलाएं भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित होंगी।
कोट
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत अब खंड से उपमंडल स्तर तक लगने वाले मेलों में समूहों की महिलाओं को मंच प्रदान किया जाएगा। -अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक, सह परियोजना अधिकारी डीआरडीए