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Hamirpur (Himachal) News: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को नहीं मिला स्थायी ठिकाना
Tue, 28 Apr 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:30 AM IST
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आठ माह से खुले में स्टाल लगाने को मजबूर, प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आठ माह बीत जाने के बाद भी स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि महिलाएं उपायुक्त कार्यालय के बाहर वर्षा शालिका के समीप खुले में अपने उत्पाद बेचने को मजबूर हैं।
गर्मी के मौसम में खुले स्थान पर स्टाल लगाने से महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। न तो पर्याप्त स्थान मिल पा रहा है और न ही मौसम से बचाव की कोई व्यवस्था है। इस समस्या को लेकर महिलाएं दो बार प्रशासन से स्थायी स्थान की मांग भी कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष सितंबर में डीआरडीए के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्टाल लगाने की अनुमति दी गई थी, ताकि वे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री कर सकें। उस समय उन्हें स्थायी स्थान देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई स्थान निर्धारित नहीं हो पाया है।
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इस दौरान दो बार बस अड्डा और बचत भवन क्षेत्र में स्थान चिन्हित करने के लिए निरीक्षण भी किया गया, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ सका। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशासन से जल्द स्थायी स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुगमता से अपने उत्पाद बेच सकें।
कोट
जिला प्रशासन को इस संबंध में अवगत करवाया गया है, महिलाओं को शीघ्र ही सामान बेचने के लिए स्थाई स्थान प्रदान किया जाएगा।-अस्मिता ठाकुर, उप निदेशक-सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आठ माह बीत जाने के बाद भी स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि महिलाएं उपायुक्त कार्यालय के बाहर वर्षा शालिका के समीप खुले में अपने उत्पाद बेचने को मजबूर हैं।
गर्मी के मौसम में खुले स्थान पर स्टाल लगाने से महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। न तो पर्याप्त स्थान मिल पा रहा है और न ही मौसम से बचाव की कोई व्यवस्था है। इस समस्या को लेकर महिलाएं दो बार प्रशासन से स्थायी स्थान की मांग भी कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
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गौरतलब है कि बीते वर्ष सितंबर में डीआरडीए के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्टाल लगाने की अनुमति दी गई थी, ताकि वे स्वदेशी उत्पादों की बिक्री कर सकें। उस समय उन्हें स्थायी स्थान देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई स्थान निर्धारित नहीं हो पाया है।
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इस दौरान दो बार बस अड्डा और बचत भवन क्षेत्र में स्थान चिन्हित करने के लिए निरीक्षण भी किया गया, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ सका। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशासन से जल्द स्थायी स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि वे सम्मानपूर्वक और सुगमता से अपने उत्पाद बेच सकें।
कोट
जिला प्रशासन को इस संबंध में अवगत करवाया गया है, महिलाओं को शीघ्र ही सामान बेचने के लिए स्थाई स्थान प्रदान किया जाएगा।-अस्मिता ठाकुर, उप निदेशक-सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए