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‘99 गांव पेयजल योजना’ से पिलाया जा रहा दूषित पानी

Thu, 30 Apr 2020 10:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 10:18 PM IST
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गारली (हमीरपुर)। जल शक्ति विभाग बड़सर की ‘99 गांव दियोटसिद्ध बिहाल प्रथम-द्वितीय फेस पेयजल योजना’ से लोगों को दूषित जल पिलाया जा रहा है। योजना के फिल्टर बेड में कई दिनों से मोटी शैवाल और कचरे वाला दूषित जल लोगों को पिलाए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों ने विभाग के प्रति गहरा रोष प्रकट किया है। लोगों ने जल शक्ति मंत्री से जांच की गुहार लगाई है। बड़सर उपमंडल की सबसे बड़ी एलडब्ल्यूएसएस 99 गांव दियोटसिद्ध बिहाल प्रथम-द्वितीय फेस पेयजल योजना में कई दिनों से सेडिमिनेशन बेड सूखे पड़े हैं। जबकि, फिल्टर बेड में मोटी शैवाल व अन्य तरह के कचरे वाला पानी पिलाया जा रहा है। हालांकि, संबंधित विभाग के अनुसार मार्च 2020 में ही फिल्टर बेड की सफाई की गई है, लेकिन धरातल पर सूखे सेडिमिनेशन व कचरे से भरे फिल्टर बेड की हालत कुछ और ही बयां कर रही है।
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ऐसा प्रतीत होता है जैसे कई महीनों से यहां पानी जमा है। जिसे फिल्टर ही नहीं किया गया हो। इससे पूर्व 6, 8 और 26 अप्रैल को अमर उजाला ने घंगोट पेयजल योजना के तहत नाले सेे सीधी सप्लाई के मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब 99 गांव पेयजल योजना में यह समस्या आ रही है। 99 गांव दियोटसिद्ध पेयजल योजना में 2 बड़े भंडारण टैंक है। जिनमें लगभग 27 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां से दियोटसिद्ध मंदिर से लेकर बिझड़ी तक पानी की सप्लाई दी जाती है। ढटवाल क्षेत्र के हजारों लोग इस पेयजल योजना पर निर्भर हैं। लेकिन, विभाग की लापरवाही के कारण लोग मटमैला पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इस पेयजल योजना में प्रथम और द्वितीय फेस को मिलाकर 7 फिल्टर बेड हैं जबकि, तीन सेडिमिनेशन बेड हैं। विभाग के अनुसार सभी फिल्टर बेड सही हैं और इनसे ही पानी फिल्टर कर लोगों को भेजा जाता है। लेकिन, यहां कुछ फिल्टर बेड में कई दिनों का कचरा व मोटी बदबूदार शैवाल जमा है।
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इस संदर्भ में ग्राम पंचायत चकमोह की प्रधान फूलां देवी ने कहा कि मौके पर पहुंचकर फिल्टर बेड की स्थिति देखकर आश्चर्यचकित रह गईं। वहीं, दलचेहड़ा पंचायत प्रधान अनिता शर्मा ने भी बताया कि वह भी फिल्टर बेड में जमा कचरे और शैवाल को देखकर आहत हुई हैं। जल शक्ति विभाग को निर्दोष लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है। ग्राम पंचायत उपप्रधान संजय ने बताया कि सैनिटाइजर और मास्क लगाने का क्या लाभ यदि दूषित जल लोगों को पीने को मिलता है। इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग बड़सर के सहायक अभियंता सुरेश कुमार ने बताया कि बीते मार्च माह में ही फिल्टर बेड की सफाई करवाई गई थी। सभी फिल्टर बेड ठीक हैं। कचरे की समस्या बारिश होने की वजह हो सकती है। विभाग समय-समय पर पेयजल योजनाओं की जांच करता है। यदि कुछ गलत पाया जाता है तो उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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