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Mandi News: स्टोन क्रशर प्लांट के विरोध में उतरे मलोह पंचायत के ग्रामीण
Thu, 24 Apr 2025 06:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 24 Apr 2025 06:35 AM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। क्षेत्र की मलोह पंचायत के गांव धरवाखड़ में स्टोन क्रशर प्लांट स्थापित करने के विरोध ग्रामीण उतरे हैं। ग्रामीणों ने बाकायदा ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर उक्त क्रशर को एनओसी न देने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रशर स्थल बीच नाले में स्थित होगा। जहां से बरसात के दिनों में दो बड़े नालों देहरू नाला व कांढा नाला का पानी गुजरता है। यह नाला गांव के किसानों के खेतों से होता हुआ मलोह खड्ड में मिलता है। इसी खड्ड से नीचे की तरफ गांवों के 20 से 25 किसानों की अति उपजाऊ भूमि है। जो कि इससे प्रभावित होगी।
किसान जगत राम, प्रकाश, सतीश और भूपेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों की उपजाऊ भूमि पर क्रशर की धूल व मिट्टी आदि का दुष्प्रभाव पड़ेगा। क्रशर स्थल से करीब पांच मीटर की दूरी पर एक तालाब (छपड़ा) भी बनाया गया है। मलोह खड्ड पर गांव मलोह से गांव फागला तक करीब 4-5 उठाऊ पेयजल स्कीमें चल रही हैं, ये भी प्रभावित होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर स्थल मलोह गांव से करीब 350 मीटर की दूरी पर पड़ता है। ऐसे में यह किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव की कॉपी ग्रामीणों ने एसडीएम सुंदरनगर, डीएफओ सुकेत, खनन विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी है। ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर को गांव के पास स्थापित नहीं करने का आग्रह किया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि स्टोन क्रशर स्थल बीच नाले में स्थित होगा। जहां से बरसात के दिनों में दो बड़े नालों देहरू नाला व कांढा नाला का पानी गुजरता है। यह नाला गांव के किसानों के खेतों से होता हुआ मलोह खड्ड में मिलता है। इसी खड्ड से नीचे की तरफ गांवों के 20 से 25 किसानों की अति उपजाऊ भूमि है। जो कि इससे प्रभावित होगी।
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किसान जगत राम, प्रकाश, सतीश और भूपेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों की उपजाऊ भूमि पर क्रशर की धूल व मिट्टी आदि का दुष्प्रभाव पड़ेगा। क्रशर स्थल से करीब पांच मीटर की दूरी पर एक तालाब (छपड़ा) भी बनाया गया है। मलोह खड्ड पर गांव मलोह से गांव फागला तक करीब 4-5 उठाऊ पेयजल स्कीमें चल रही हैं, ये भी प्रभावित होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर स्थल मलोह गांव से करीब 350 मीटर की दूरी पर पड़ता है। ऐसे में यह किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव की कॉपी ग्रामीणों ने एसडीएम सुंदरनगर, डीएफओ सुकेत, खनन विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी है। ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर को गांव के पास स्थापित नहीं करने का आग्रह किया है।
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