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Hamirpur (Himachal) News: गांव की धरोहर और संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
Mon, 06 Jan 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 06 Jan 2025 12:28 AM IST
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मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल में पंचायत सचिव करेंगे जानकारी अपलोड
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विश्व के मानचित्र से अदृश्य अनेकों धरोहरों व अलग पहचान को संजोये हर गांव की जानकारी अब सार्वजनिक होगी। सार्वजनिक होने से गांव की धरोहर और सांस्कृति को नहीं पहचान मिलेगी।
मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। इस मॉडयूल में हर पंचायत की धरोहर, सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक भोजन, पहनावा, कला वाद्य यंत्र सहित तमाम जानकारी उपलब्ध होंगी। हर पंचायत के सचिव को इसका नोडल ऑफिसर बनाया गया है। पंचायत सचिव की ओर से संबंधित पंचायत में विद्यमान सांस्कृति धरोहर, प्रसिद्ध स्थान, पकवान सहित अन्य पारंपरिक जानकारियां मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल में दी जाएगी।
पंचायत सचिव की ओर से फोटो और वीडियो अपलोड की जाएंगी। सांस्कृतिक धरोहर की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए बकायदा पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से ऐसे हर गांव की अपनी अलग धरोहर की पूरी जानकारी केंद्र सरकार के पास उपलब्ध होगी।
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इससे आने वाले समय में गांव की अपनी धरोहर, सांस्कृतिक विशेषता, खान-पान, आभूषण, विरासत, तीज, त्यौहार, आस्था को नई पहचान दी जाएगी। जिला हमीरपुर में 248 पंचायतें हैं। इन पंचायतों के सचिवों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कोट
मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। इस मॉडयूल में पंचायत सचिव पंचायत की धरोहर सहित अन्य जानकारियां फोटो व वीडियो के माध्यम से अपलोड करेंगे। पंचायत सचिवों को इस बारे में जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-शशि बाला, जिला पंचायत अधिकारी, हमीरपुर
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हमीरपुर। विश्व के मानचित्र से अदृश्य अनेकों धरोहरों व अलग पहचान को संजोये हर गांव की जानकारी अब सार्वजनिक होगी। सार्वजनिक होने से गांव की धरोहर और सांस्कृति को नहीं पहचान मिलेगी।
मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। इस मॉडयूल में हर पंचायत की धरोहर, सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक भोजन, पहनावा, कला वाद्य यंत्र सहित तमाम जानकारी उपलब्ध होंगी। हर पंचायत के सचिव को इसका नोडल ऑफिसर बनाया गया है। पंचायत सचिव की ओर से संबंधित पंचायत में विद्यमान सांस्कृति धरोहर, प्रसिद्ध स्थान, पकवान सहित अन्य पारंपरिक जानकारियां मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल में दी जाएगी।
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पंचायत सचिव की ओर से फोटो और वीडियो अपलोड की जाएंगी। सांस्कृतिक धरोहर की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए बकायदा पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से ऐसे हर गांव की अपनी अलग धरोहर की पूरी जानकारी केंद्र सरकार के पास उपलब्ध होगी।
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इससे आने वाले समय में गांव की अपनी धरोहर, सांस्कृतिक विशेषता, खान-पान, आभूषण, विरासत, तीज, त्यौहार, आस्था को नई पहचान दी जाएगी। जिला हमीरपुर में 248 पंचायतें हैं। इन पंचायतों के सचिवों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मेरी पंचायत एप में मेरी पंचायत मेरी धरोहर मॉडयूल को जोड़ा गया है। इस मॉडयूल में पंचायत सचिव पंचायत की धरोहर सहित अन्य जानकारियां फोटो व वीडियो के माध्यम से अपलोड करेंगे। पंचायत सचिवों को इस बारे में जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
-शशि बाला, जिला पंचायत अधिकारी, हमीरपुर