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Hamirpur (Himachal) News: बेमौसमी बारिश ने किसानों को किया परेशान खेतों में काट कर रखी गेहूं की फसल भींगी
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रंगस/हमीरपुर। जिले में बेमौसमी बारिश ने किसानों के लिए परेशानियां बढ़ा दी हैं। मंगलवार देर रात और बुधवार सुबह हुई बारिश से खेतों में काटकर रखी गेहूं पूरी तरह से भींग गई। इससे किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं। जिले में गेहूं की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। ब्लॉक नादौन, बिझड़ी में कटाई का कार्य जोरों पर है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी तक कटाई शुरू नहीं हुई है। लेकिन जिन क्षेत्रों में कटाई का कार्य शुरू हो चुका है, वहां के किसानों के लिए बारिश कहर बरपा रही है। काटी हुई फसल गीली होने के कारण थ्रेसिंग नहीं हो पाई। वहीं गेहूं पीली पड़ने से भूसे के रूप में भी नुकसान हो रहा है।
पूर्व में भी समय पर बारिश न होने और सूखे के कारण गेहूं की 50 से 60 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है। अब थोड़ी बहुत जो गेहूं की फसल बची है, वह बारिश के कारण खराब हो रही है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन किया जाता है और 75 हजार के करीब गेहूं की फसल बोये जाते हैं। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बुधवार सुबह तड़के ही रंगस क्षेत्र के साथ आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने अपनी गेहूं की फसल को काटकर खेतों में रखा था लेकिन रात को सोने के बाद अचानक आई तेज बारिश के साथ तूफान ने उनकी मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
क्षेत्र के किसान राजकुमार, कृष्ण, चमेल सिंह, माया देवी और वीना देवी आदि ने कहा कि गेेहूं को अभी दो दिन पहले ही काटना शुरू किया था लेकिन बुधवार की सुबह तड़के हुई बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं पूरी तरह गीली हो गई। यही कारण है कि दिन प्रतिदिन कृषि के क्षेत्र में अनुपात कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल के उगते ही संरक्षित पशु अपना कब्जा कर लेते हैं। उनके बारे में भी सरकार कोई ठोस योजना नहीं बना सकी। इसके बाद सूखे की मार किसानों को निराश करती रही है। अब जाकर रही सही कसर बेमौसमी बारिश ने पूरी कर दी। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है की किसानों की दुर्दशा की ओर भी ध्यान देकर उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की जाए ताकि किसान भी आर्थिक तौर पर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें।
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वहीं इस बारे में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि नुकसान का ब्यौरा बनाया जा रहा है। जिले में गेहूं की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। बारिश के कारण किसानों द्वारा काटी गई गेेहूं भींग गई है।
बाक्स:
कोहली क्षेत्र में बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त
कोहली क्षेत्र में तेज तूफान के कारण पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली तारों को नुकसान पहुंचा। इस कारण करीब आधा दर्जन गांव में बुधवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को दिनभर बिजली लाइनों की मरम्मत की, इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
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पूर्व में भी समय पर बारिश न होने और सूखे के कारण गेहूं की 50 से 60 फीसदी फसल बर्बाद हो चुकी है। अब थोड़ी बहुत जो गेहूं की फसल बची है, वह बारिश के कारण खराब हो रही है। जिले में 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन किया जाता है और 75 हजार के करीब गेहूं की फसल बोये जाते हैं। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बुधवार सुबह तड़के ही रंगस क्षेत्र के साथ आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने अपनी गेहूं की फसल को काटकर खेतों में रखा था लेकिन रात को सोने के बाद अचानक आई तेज बारिश के साथ तूफान ने उनकी मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
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क्षेत्र के किसान राजकुमार, कृष्ण, चमेल सिंह, माया देवी और वीना देवी आदि ने कहा कि गेेहूं को अभी दो दिन पहले ही काटना शुरू किया था लेकिन बुधवार की सुबह तड़के हुई बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं पूरी तरह गीली हो गई। यही कारण है कि दिन प्रतिदिन कृषि के क्षेत्र में अनुपात कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि फसल के उगते ही संरक्षित पशु अपना कब्जा कर लेते हैं। उनके बारे में भी सरकार कोई ठोस योजना नहीं बना सकी। इसके बाद सूखे की मार किसानों को निराश करती रही है। अब जाकर रही सही कसर बेमौसमी बारिश ने पूरी कर दी। किसानों ने प्रदेश सरकार से मांग की है की किसानों की दुर्दशा की ओर भी ध्यान देकर उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की जाए ताकि किसान भी आर्थिक तौर पर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बन सकें।
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वहीं इस बारे में कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि नुकसान का ब्यौरा बनाया जा रहा है। जिले में गेहूं की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। बारिश के कारण किसानों द्वारा काटी गई गेेहूं भींग गई है।
बाक्स:
कोहली क्षेत्र में बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त
कोहली क्षेत्र में तेज तूफान के कारण पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली तारों को नुकसान पहुंचा। इस कारण करीब आधा दर्जन गांव में बुधवार को बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को दिनभर बिजली लाइनों की मरम्मत की, इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।