{"_id":"679a7d5d4a552ab23103ec2d","slug":"there-should-be-provision-for-pending-dearness-allowance-in-the-budget-suresh-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-146910-2025-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट में लंबित मंहगाई भत्ते का हो प्रावधान : सुरेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट में लंबित मंहगाई भत्ते का हो प्रावधान : सुरेश
Thu, 30 Jan 2025 12:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 30 Jan 2025 12:41 AM IST
विज्ञापन
कहा- कर्मचारियों को दो साल से नहीं मिलीं बकाया देनदारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और भत्ते रिवाइज करने के इस बजट में प्रावधान की मांग की है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय कुमार हीर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों की करोड़ों रुपये की बकाया देनदारियां दो साल में भी नहीं दी गई तो अगला वेतन आयोग देना भी नामुनकिन हो जाएगा। एकमुश्त अदायगी के लिए वित्तीय स्थिति अगर सही नहीं है तो किस्तों में भुगतान किया जा सकता है। वर्ष 2016 से देय वेतन आयोग का एरियर और लंबित मंहगाई भत्ता, मंहगाई भत्ते के एरियर देने के लिए मासिक वेतन के साथ इन बकाया राशियों की किस्त दी जानी चाहिए।
वर्ष 2016 से चिकित्सा भत्ता और मकान भत्ता आदि बढ़ाना लंबित है। महंगाई भत्ता प्रतिमाह दो प्रतिशत भी दिया जाए तो भी इस वर्ष लंबित डीए क्लीयर हो जाएगा और कर्मचारियों के आर्थिक हितों की कुछ रक्षा हो सकेगी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट भी सरकार को कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने के निर्देश दे चुका है। मंहगाई भत्ते के एरियर देने में अब अगर और विलंब हुआ तो इसकी राशि भी वेतन आयोग के एरियर के समान हो जाएगी और इसका भुगतान जटिल होता जाएगा। ऐसे में यह बजट कर्मचारियों के लिए तय किया जाए और इसका केंद्र कर्मचारियों की जायज वित्तीय अदायगियां होनी चाहिएं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और भत्ते रिवाइज करने के इस बजट में प्रावधान की मांग की है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और महासचिव विजय कुमार हीर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों की करोड़ों रुपये की बकाया देनदारियां दो साल में भी नहीं दी गई तो अगला वेतन आयोग देना भी नामुनकिन हो जाएगा। एकमुश्त अदायगी के लिए वित्तीय स्थिति अगर सही नहीं है तो किस्तों में भुगतान किया जा सकता है। वर्ष 2016 से देय वेतन आयोग का एरियर और लंबित मंहगाई भत्ता, मंहगाई भत्ते के एरियर देने के लिए मासिक वेतन के साथ इन बकाया राशियों की किस्त दी जानी चाहिए।
वर्ष 2016 से चिकित्सा भत्ता और मकान भत्ता आदि बढ़ाना लंबित है। महंगाई भत्ता प्रतिमाह दो प्रतिशत भी दिया जाए तो भी इस वर्ष लंबित डीए क्लीयर हो जाएगा और कर्मचारियों के आर्थिक हितों की कुछ रक्षा हो सकेगी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट भी सरकार को कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने के निर्देश दे चुका है। मंहगाई भत्ते के एरियर देने में अब अगर और विलंब हुआ तो इसकी राशि भी वेतन आयोग के एरियर के समान हो जाएगी और इसका भुगतान जटिल होता जाएगा। ऐसे में यह बजट कर्मचारियों के लिए तय किया जाए और इसका केंद्र कर्मचारियों की जायज वित्तीय अदायगियां होनी चाहिएं।
विज्ञापन