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जिन गायों को नकारा समझ छोड़ा, उनका 500 लीटर दूध पी रहे जिलावासी : मनकोटिया
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जलाड़ी में हिमाचल प्रदेश गोसेवा समिति की बैठक में मौजूद पदाधिकारी व सदस्य।
- फोटो : Hamirpur-HP
रंगस (नादौन)। हिमाचल प्रदेश गो सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष रसील सिंह मनकोटिया ने कहा कि जिले की सभी गोशालाओं के माध्यम से लगभग 2200 गोवंश की रक्षा की जा रही है। जिन लोगों ने गोवंश को नकारा समझ कर छोड़ दिया था, उनसे जिले में 500 लीटर प्रतिदिन शुद्ध दूध जनता को मिल रहा है।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश गो सेवा समिति हमीरपुर इकाई की बैठक जलाड़ी में समिति के प्रदेश अध्यक्ष रसील सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिला हमीरपुर गोशाला संचालक समिति के सदस्यों के अलावा देहरा क्षेत्र की गोशाला के संचालक सुनील शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मीटिंग में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मनकोटिया ने बताया कि लगभग सभी गोशाला समितियों के संचालक प्राकृतिक खेती करने पर जोर दे रहे हैं। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है।
क्षेत्र के सभी किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में कुछ दिन पूर्व रंगड़ में गोवंश के साथ हुई क्रूरता की भी कड़ी निंदा की गई। शीघ्र ही दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त गोशाला में मृत गोवंश की समस्या, बैलों से खेती करवाने, गोशाला में आ रही कामगारों की समस्या और प्रदेश में बनाए जा रहे गो अभ्यारण्य के रखरखाव बारे प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ मिलने का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया। एक प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से निवेदन किया गया कि जल्द ही हिमाचल प्रदेश गोसेवा समिति को मिलने का समय दिया जाए, ताकि गोवंश तथा गोशालाओं के संदर्भ में आने वाली समस्याओं से प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जा सके।
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शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश गो सेवा समिति हमीरपुर इकाई की बैठक जलाड़ी में समिति के प्रदेश अध्यक्ष रसील सिंह मनकोटिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिला हमीरपुर गोशाला संचालक समिति के सदस्यों के अलावा देहरा क्षेत्र की गोशाला के संचालक सुनील शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मीटिंग में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मनकोटिया ने बताया कि लगभग सभी गोशाला समितियों के संचालक प्राकृतिक खेती करने पर जोर दे रहे हैं। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है।
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क्षेत्र के सभी किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में कुछ दिन पूर्व रंगड़ में गोवंश के साथ हुई क्रूरता की भी कड़ी निंदा की गई। शीघ्र ही दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त गोशाला में मृत गोवंश की समस्या, बैलों से खेती करवाने, गोशाला में आ रही कामगारों की समस्या और प्रदेश में बनाए जा रहे गो अभ्यारण्य के रखरखाव बारे प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ मिलने का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया। एक प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से निवेदन किया गया कि जल्द ही हिमाचल प्रदेश गोसेवा समिति को मिलने का समय दिया जाए, ताकि गोवंश तथा गोशालाओं के संदर्भ में आने वाली समस्याओं से प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जा सके।
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