{"_id":"5d87a5128ebc3e93cb764f5c","slug":"student-report-no-one-hamirpur-hp-news-sml30841948","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलोह की छात्राओं की आंखों के रोगों पर सर्वेक्षण रिपोर्ट अव्वल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलोह की छात्राओं की आंखों के रोगों पर सर्वेक्षण रिपोर्ट अव्वल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाहू (हमीरपुर)। राजकीय उच्च पाठशाला बलोह की मनीषा और दीपा ठाकुर की आंखों के रोगों पर सर्वेक्षण रिपोर्ट बाल विज्ञान सम्मेलन में उपमंडल में अव्वल रही हैं। दोनों मेधावी छात्राओं का स्कूल में भव्य स्वागत किया गया। पट्टा स्कूल में हुए बाल विज्ञान सम्मेलन में बलोह स्कूल की दोनों छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सातवीं कक्षा की दीपा ठाकुर और आठवीं कक्षा की मनीषा की ओर से आंखों की बीमारियों पर शोध कार्य कर आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार की गई औषधि का लाभ ग्राम पंचायत बलोह के ग्रामीण ले रहे हैं। अब इस औषधि को लैब टेस्ट के लिए सोलन भेजा जाएगा।
यह औषधि दोनों छात्राओं की ओर से प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति के आधार पर तैयार की गई है। इस औषधि को तैयार करने में टीजीटी साइंस अनिल कुमार ने दोनों वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन किया है। इसके अलावा मुख्याध्यापक हंस राज शर्मा और समस्त स्टाफ का सहयोग रहा है। रासायनिक क्रियाओं पर आधारित इस औषधि का रोगी के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्ति भी लगातार प्रयोग करता है तो आंखों संबंधी अनेकों बीमारियों पर अंकुश लगेगा। इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मुख्याध्यापक हंस राज शर्मा का कहना है कि यह बच्चों और अध्यापक की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि आयुर्वेदिक पद्धति से आंखों में डालने की दवाई तैयार की गई है।
विज्ञापन
यह औषधि दोनों छात्राओं की ओर से प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति के आधार पर तैयार की गई है। इस औषधि को तैयार करने में टीजीटी साइंस अनिल कुमार ने दोनों वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन किया है। इसके अलावा मुख्याध्यापक हंस राज शर्मा और समस्त स्टाफ का सहयोग रहा है। रासायनिक क्रियाओं पर आधारित इस औषधि का रोगी के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्ति भी लगातार प्रयोग करता है तो आंखों संबंधी अनेकों बीमारियों पर अंकुश लगेगा। इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मुख्याध्यापक हंस राज शर्मा का कहना है कि यह बच्चों और अध्यापक की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि आयुर्वेदिक पद्धति से आंखों में डालने की दवाई तैयार की गई है।
विज्ञापन