हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मरीजों का प्रवेश बिना थर्मल स्कैनिंग ही हो रहा है। दो दिन से मरीजों का तापमान जांचे बिना ही उन्हें ओपीडी में भेजा जा रहा है। इससे एक तो अन्य मरीजों और तीमारदारों को संक्रमण का खतरा है और दूसरा चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ के भी संक्रमित होने का अंदेशा बना हुआ है। हालांकि, पूर्व में एक कर्मचारी रोजाना सुबह अस्पताल आने वाले मरीजों की थर्मल स्कैनिंग कर उन्हें ओपीडी के लिए अंदर भेजता था, लेकिन दो दिन से अस्पताल के पास मौजूद थर्मल स्कैनिंग मशीन खराब पड़ी है।
महज पर्ची पर ही मरीज की एंट्री कर उसके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है और उसे अस्पताल में प्रवेश दे दिया जा रहा है। एक तरफ जहां सरकार और खुद स्वास्थ्य विभाग लोगों को एहतियात बरतने की अपील व सलाह दे रहा है, दूसरी ओर खुद ही स्वास्थ्य विभाग के संस्थान में इस तरह की कोताही पेश आ रही है। वीरवार को भी सैकड़ों लोग अपने उपचार के लिए अस्पताल आए। लेकिन, पहले तो गेट पर भीड़ लगी रही, जब अंदर पर्ची काउंटर तक प्रवेश मिला तो उसके बाद थर्मल स्कैनिंग नहीं हुई। यहां भी लोग लाइन में एक दूसरे के साथ खड़े रहे। लोगों का आरोप है कि दोपहर को एक बजे से पौने तीन बजे तक यहां तैनात चिकित्सक ही मौके पर नहीं था। अगर दोपहर के भोजन के लिए भी चिकित्सक गया था तो वह भी अधिकतम एक घंटे तक हो सकता था। लोगों में अंकुश शर्मा, संतोष, सुरेश कुमार, सुरजीत आदि का कहना है कि बिना थर्मल स्कैनिंग मरीजों का प्रवेश करवाना संक्रमण को न्योता देना है। मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद यहां ऐसा होना चिंता का विषय है। लोगों ने मरीजों की थर्मल स्कैनिंग करने की मांग की है। इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि उनके ध्यान में यह बात नहीं थी। इस बारे में पता किया जाएगा। कुछ थर्मल स्कैनिंग मशीनें भोटा अस्पताल भी भेजी गई हैं।