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Hamirpur (Himachal) News: संगरोह सभा ने एक साल में बांटे 3.90 करोड़ के ऋण, खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
Tue, 23 Jul 2024 05:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 23 Jul 2024 05:21 AM IST
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हमीरपुर। द संगरोह कृषि सेवा सहकारी सभा ने साल 2020-21 में करीब 3.90 करोड़ के ऋण बांट कर कटघरे में आ गई है। अब सहकारी सभाएं विभाग ने वितरित किए ऋणों की जांच सुनवाई के लिए 24 जुलाई को ग्राम पंचायत समीरपुर के कार्यालय में बैठक रखी है। इसके लिए 100 से अधिक ऋणियों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा सभा सचिव, वर्तमान और पूर्व कमेटी पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल होने के नोटिस दिए हैं
साल 2020-21 में सभा के ऑडिट के दौरान कुछ खामियां पाई गईं थीं। अब ऑडिट पैरा की खामियों की जांच का जिम्मा सहकारी सभाएं विभाग हमीरपुर के जिला निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपा गया है। लंबा वक्त बीतने के बाद भी जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है। विभाग का तर्क है कि सभा के सचिव जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
उधर, सभा सचिव का दावा है कि विभाग को तमाम रिकॉर्ड सहकारी सभाएं कार्यालय हमीरपुर में उपलब्ध करवा दिया गया है। इस बीच विभाग की ओर से यहां पर प्रशासक की नियुक्ति भी की गई है। मगर प्रशासक की नियुक्ति को सभा ने चुनौती दी है। कोर्ट ने प्रशासक की नियुक्ति पर स्टे लगा दिया है। हालांकि जांच अधिकारी मामले में जांच कर रहे हैं।
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ऐसे में विभाग की ओर से 24 जुलाई को रखी जांच सुनवाई बैठक में साल 2021-22 में ऋण आवंटन की स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो सकेगी। इस दौरान ऋणियों के अमानत खातों और बैंक रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि ऋण आवंटन में कोई धांधली हुई है अथवा नहीं।
निवेशकों स्थिति स्पष्ट होने से मिलेगी राहत
सभा के ऑडिट पैरा में कथित तौर पर पाई गई खामियों की जांच से सभा के निवेशकों में संशय की स्थिति बनी हुई है। विभाग इन खामियों की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक कुछ भी निष्कर्ष निकल कर सामने नहीं आया। अब इस मामले में ऋणों की जांच सुनवाई होने से काफी हद तक सभा के निवेशकों को भी राहत मिलेगी।
मामले में ऋणों की जांच सुनवाई रखी गई है। 24 जुलाई को यह सुनवाई होगी। इसके बारे में ऋणियों के साथ सभा को सूचित कर दिया गया है।
-वीना भाटिया, सहायक पंजीयक, सहकारी सभाएं हमीरपुर
मई और जुलाई में जांच सुनवाई की गई है। बार-बार बैठक बुलाकर ऋणियों को तंग किया जा रहा है। कायदे से सुनवाई सभा कार्यालय में होनी चाहिए, लेकिन पंचायत में सुनवाई रखी गई है। सभा के ऑडिट में कोई खामियां नहीं हैं। विभाग को जांच में पूरा सहयोग किया गया है और साल 2002 से लेकर 2023 तक का रिकॉर्ड विभाग को सौंपा गया है।
-किशोरी लाल, सचिव, द संगरोह कृषि सेवा सहकारी सभा
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साल 2020-21 में सभा के ऑडिट के दौरान कुछ खामियां पाई गईं थीं। अब ऑडिट पैरा की खामियों की जांच का जिम्मा सहकारी सभाएं विभाग हमीरपुर के जिला निरीक्षक राजेश कुमार को सौंपा गया है। लंबा वक्त बीतने के बाद भी जांच अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी है। विभाग का तर्क है कि सभा के सचिव जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
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उधर, सभा सचिव का दावा है कि विभाग को तमाम रिकॉर्ड सहकारी सभाएं कार्यालय हमीरपुर में उपलब्ध करवा दिया गया है। इस बीच विभाग की ओर से यहां पर प्रशासक की नियुक्ति भी की गई है। मगर प्रशासक की नियुक्ति को सभा ने चुनौती दी है। कोर्ट ने प्रशासक की नियुक्ति पर स्टे लगा दिया है। हालांकि जांच अधिकारी मामले में जांच कर रहे हैं।
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ऐसे में विभाग की ओर से 24 जुलाई को रखी जांच सुनवाई बैठक में साल 2021-22 में ऋण आवंटन की स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो सकेगी। इस दौरान ऋणियों के अमानत खातों और बैंक रिकॉर्ड भी जांचा जाएगा। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि ऋण आवंटन में कोई धांधली हुई है अथवा नहीं।
निवेशकों स्थिति स्पष्ट होने से मिलेगी राहत
सभा के ऑडिट पैरा में कथित तौर पर पाई गई खामियों की जांच से सभा के निवेशकों में संशय की स्थिति बनी हुई है। विभाग इन खामियों की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक कुछ भी निष्कर्ष निकल कर सामने नहीं आया। अब इस मामले में ऋणों की जांच सुनवाई होने से काफी हद तक सभा के निवेशकों को भी राहत मिलेगी।
मामले में ऋणों की जांच सुनवाई रखी गई है। 24 जुलाई को यह सुनवाई होगी। इसके बारे में ऋणियों के साथ सभा को सूचित कर दिया गया है।
-वीना भाटिया, सहायक पंजीयक, सहकारी सभाएं हमीरपुर
मई और जुलाई में जांच सुनवाई की गई है। बार-बार बैठक बुलाकर ऋणियों को तंग किया जा रहा है। कायदे से सुनवाई सभा कार्यालय में होनी चाहिए, लेकिन पंचायत में सुनवाई रखी गई है। सभा के ऑडिट में कोई खामियां नहीं हैं। विभाग को जांच में पूरा सहयोग किया गया है और साल 2002 से लेकर 2023 तक का रिकॉर्ड विभाग को सौंपा गया है।
-किशोरी लाल, सचिव, द संगरोह कृषि सेवा सहकारी सभा