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नागलंबर गांव तक पहुंची सड़क, ग्रामीणों को राहत
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धैल-नागलंबर सड़क का उद्घाटन करते विधायक राजेंद्र राणा।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के अति दुर्गम और काले पानी के नाम से मशहूर नागलंबर क्षेत्र के निवासियों को सड़क सुविधा मिल गई है। सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बुधवार को विधायक राजेंद्र राणा ने ग्राम पंचायत चलोह में साढ़े तीन किलोमीटर लंबी धैल-नागलंबर सड़क का उद्घाटन किया। इससे पहले गांव के लोग पैदल सफर करते थे। क्षेत्र के लोग सालों से धैल-नागलंबर सड़क के बनने का इंतजार कर रहे थे। सड़क के अभाव में इस गांव के दर्जनों परिवार यहां से दूसरी जगह पलायन कर गए थे। गांव के युवकों को शादी होना मुश्किल हो गया था।
बीमार होने पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई परिवारों के सदस्य बीच रास्ते में दम तोड़ रहे थे। अमर उजाला ने 19 दिसंबर 2016 को दुर्गम क्षेत्र नागलंबर का दौरा कर ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिये लोगों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाया। सड़क सुविधा के अभाव में और लोगों के पलायन के कारण नागलंबर में प्राथमिक पाठशाला भी बंद हो गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खबर का संज्ञान लेते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेंद्र राणा, उपायुक्त हमीरपुर और लोनिवि के अधिकारियों को शिमला तलब कर इस मामले की जांच करवाई। रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद उन्होंने इस सड़क का निर्माण के लिए नाबार्ड से 2.47 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। वर्तमान विधायक राजेंद्र राणा ने भी डीसी हेड से सड़क निर्माण के लिए सात लाख रुपये अतिरिक्त मंजूर करवाए। राजेंद्र राणा ने प्राथमिकता के आधार पर इस सड़क के लिए बजट स्वीकृत करवाया। काले पानी के नाम से मशहूर नागलंबर से सड़क सुविधा के लिए पहले तीन से चार किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता था।
बाक्स:
अमर उजाला को कहा धन्यवाद
चलोह पंचायत के ग्रामीणों जीत कुमार, कृष्णलाल, श्रीदेव, मिलाप चंद, सीमा देवी, कुमार चंद, प्रधान सिंह व अजय कुमार ने सड़क निर्माण कार्य पूरा होने पर अमर उजाला का आभार जताया है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विधायक राजेंद्र राणा का भी आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनके गांव को काले पानी की संज्ञा से भी निजात मिल गई है। विधायक राजेंद्र राणा ने भी लोगों की समस्या को प्राथमिकता पर उठाने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया।
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बीमार होने पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई परिवारों के सदस्य बीच रास्ते में दम तोड़ रहे थे। अमर उजाला ने 19 दिसंबर 2016 को दुर्गम क्षेत्र नागलंबर का दौरा कर ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिये लोगों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाया। सड़क सुविधा के अभाव में और लोगों के पलायन के कारण नागलंबर में प्राथमिक पाठशाला भी बंद हो गई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खबर का संज्ञान लेते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेंद्र राणा, उपायुक्त हमीरपुर और लोनिवि के अधिकारियों को शिमला तलब कर इस मामले की जांच करवाई। रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद उन्होंने इस सड़क का निर्माण के लिए नाबार्ड से 2.47 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी। वर्तमान विधायक राजेंद्र राणा ने भी डीसी हेड से सड़क निर्माण के लिए सात लाख रुपये अतिरिक्त मंजूर करवाए। राजेंद्र राणा ने प्राथमिकता के आधार पर इस सड़क के लिए बजट स्वीकृत करवाया। काले पानी के नाम से मशहूर नागलंबर से सड़क सुविधा के लिए पहले तीन से चार किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता था।
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अमर उजाला को कहा धन्यवाद
चलोह पंचायत के ग्रामीणों जीत कुमार, कृष्णलाल, श्रीदेव, मिलाप चंद, सीमा देवी, कुमार चंद, प्रधान सिंह व अजय कुमार ने सड़क निर्माण कार्य पूरा होने पर अमर उजाला का आभार जताया है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और विधायक राजेंद्र राणा का भी आभार जताया। ग्रामीणों ने कहा कि अब उनके गांव को काले पानी की संज्ञा से भी निजात मिल गई है। विधायक राजेंद्र राणा ने भी लोगों की समस्या को प्राथमिकता पर उठाने के लिए अमर उजाला का धन्यवाद किया।
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