{"_id":"660c61f8e6a3ec90480abb74","slug":"patients-wandering-between-two-buildings-for-treatment-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-124838-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: उपचार के लिए दो भवनों के बीच भटक रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: उपचार के लिए दो भवनों के बीच भटक रहे मरीज
Wed, 03 Apr 2024 01:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 03 Apr 2024 01:22 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में स्किन (चर्मरोग) ओपीडी में आने वाले मरीजों के उपचार के लिए दो भवनों में भटकना पड़ रहा है। इस कारण मरीज रोजाना परेशान हो रहे हैं। स्किन ओपीडी अस्पताल के रेडियोलॉजी भवन में चल रही है और मरीजों का पंजीकरण अस्पताल के पुराने भवन में हो रहा है।
अस्पताल में उपचार के लिए अपने वाले चर्मरोग मरीजों को सबसे पहले पुराने भवन में जाकर ओपीडी के लिए पंजीकरण करवाना पड़ रहा है। इसके बाद वह रेडियोलॉजी भवन में स्थित ओपीडी में चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। जांच के लिए चिकित्सक मरीजों के टेस्ट लिख रहे हैं तो फिर से मरीजों को पुराने भवन के कमरा नंबर एक में स्थित लैब का रुख करना पड़ रहा है।
लैब से रिपोर्ट लेने के बाद फिर से मरीजों को रेडियोलॉजी भवन में जाकर स्किन ओपीडी में चिकित्सक से मिलना पड़ रहा है। इससे मरीजों को खासी दिक्कत हो रही हैं। सीमा, स्वाति, ज्योति, निशा, कमलेश, राकेश, विजय और अशोक आदि ने कहा कि उपचार के लिए आने पर आधा दिन तो दौड़ भाग में ही निकल जाता है। बार-बार अस्पताल में ऊपर से नीचे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे खासी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को चाहिए या तो यहां पर चर्म रोगियों के ओपीडी पंजीकरण के लिए अलग व्यवस्था करने अथवा ओपीडी को ही शिफ्ट कर दिया जाए, ताकि मरीजों को दौड़ भाग से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और कई मरीज इतनी दौड़ भाग करने में सक्षम नहीं होते हैं। इस कारण उन्हें बहुत परेशान होना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि पर्चियां एक ही जगह बनती हैं। मेडिकल कॉलेज के ज्यादातर ओपीडी और रोगी वार्ड पुराने भवन में ही चल रहे हैं। वहां और स्थान नहीं है जिस कारण स्किन ओपीडी को रेडियोलॉजी भवन में चलाया जा रहा है। जहां तक ओपीडी की शिफ्ट करने की बात है तो पुराने भवन में अतिरिक्त स्थान नहीं है। इस कारण उसे शिफ्ट नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
अस्पताल में उपचार के लिए अपने वाले चर्मरोग मरीजों को सबसे पहले पुराने भवन में जाकर ओपीडी के लिए पंजीकरण करवाना पड़ रहा है। इसके बाद वह रेडियोलॉजी भवन में स्थित ओपीडी में चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। जांच के लिए चिकित्सक मरीजों के टेस्ट लिख रहे हैं तो फिर से मरीजों को पुराने भवन के कमरा नंबर एक में स्थित लैब का रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
लैब से रिपोर्ट लेने के बाद फिर से मरीजों को रेडियोलॉजी भवन में जाकर स्किन ओपीडी में चिकित्सक से मिलना पड़ रहा है। इससे मरीजों को खासी दिक्कत हो रही हैं। सीमा, स्वाति, ज्योति, निशा, कमलेश, राकेश, विजय और अशोक आदि ने कहा कि उपचार के लिए आने पर आधा दिन तो दौड़ भाग में ही निकल जाता है। बार-बार अस्पताल में ऊपर से नीचे के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे खासी परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को चाहिए या तो यहां पर चर्म रोगियों के ओपीडी पंजीकरण के लिए अलग व्यवस्था करने अथवा ओपीडी को ही शिफ्ट कर दिया जाए, ताकि मरीजों को दौड़ भाग से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और कई मरीज इतनी दौड़ भाग करने में सक्षम नहीं होते हैं। इस कारण उन्हें बहुत परेशान होना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि पर्चियां एक ही जगह बनती हैं। मेडिकल कॉलेज के ज्यादातर ओपीडी और रोगी वार्ड पुराने भवन में ही चल रहे हैं। वहां और स्थान नहीं है जिस कारण स्किन ओपीडी को रेडियोलॉजी भवन में चलाया जा रहा है। जहां तक ओपीडी की शिफ्ट करने की बात है तो पुराने भवन में अतिरिक्त स्थान नहीं है। इस कारण उसे शिफ्ट नहीं किया जा सकता है।