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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Order to clarify investigation report in case of getting job through misleading documents

Hamirpur (Himachal) News: भ्रामक दस्तावेज से नौकरी पाने के मामले में जांच रिपोर्ट स्पष्ट करने के आदेश

Mon, 08 Dec 2025 01:50 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Mon, 08 Dec 2025 01:50 AM IST
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हमीरपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने भ्रामक प्रमाणपत्र से नौकरी पाने के मामले में दायर की गई याचिका पर खंड विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर गंभीर टिप्पणी की है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी की रिपोर्ट को अस्पष्ट बताते हुए खंडपीठ ने खारिज कर दिया है।
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इस मामले में प्रतिवादी की ओर से पेश हुए डिप्टी एडवोकेट जनरल सिद्धार्थ को सात जनवरी तक जिला विकास अधिकारी को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए है। सात जनवरी को अगली सुनवाई तय हुई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि बीडीओ कार्यालय नादौन में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक ने भ्रामक दस्तावेज से नौकरी हासिल की है। इसके बाद बीडीओ नादौन की ओर से एक जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी।
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इस रिपोर्ट पर हाई कार्ट ने कहा कि बीडीओ की जांच रिपोर्ट में अस्पष्ट निष्कर्ष सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में यह कहा गया था कि शिकायत पर स्पष्ट निर्णय देना संभव नहीं है और इस संबंध में जिला विकास अधिकारी, हमीरपुर से मार्गदर्शन भी मांगा गया था। इसी बीच जांच पूरी नहीं हो सकी और याचिकाकर्ता ने इसके खिलाफ कोर्ट में चुनौती दी।
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हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने यह आदेश 4 दिसंबर को जारी किए हैं। दरअसल एक महिला ने विकास खंड कार्यालय नादान से आरटीआई से वर्ष 2022-23 में दस्तावेज हासिल किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग महिला ने विभाग से की थी।

महिला का दावा था कि ग्राम रोजगार सेवक पद पर सेवाएं दे रही महिला ने भ्रामक दस्तावेजों के जरिये नौकरी हासिल की। जिस संस्था ने यह प्रमाणपत्र जारी किया है उसने स्पष्ट किया है कि यह प्रमाणपत्र किसी सरकारी नौकरी के लिए वैध नहीं होगा। इस मामले में प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई से असंतुष्ट होकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाई कोर्ट ने बीडीओ की जांच रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए जिला पंचायत अधिकारी को स्पष्ट जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
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