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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Milk and foods containing melamine deadly, ban imposed: Dr Ashok

मेलामाइन युक्त दूध और खाद्य पदार्थ घातक, लगे प्रतिबंध : डॉ अशोक

Thu, 15 Jul 2021 11:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 11:18 PM IST
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रंगस (नादौन)। वैश्विक कोरोना महामारी की तीसरी लहर जानलेवा साबित होने की आशंका है। वर्तमान समय में जिन खाद्य पदार्थों से रोग प्रतिरोधक क्षमता बिल्कुल ही क्षीण होती जा रही है, उन पर शीघ्रता से प्रतिबंध लगाने की सख्त जरूरत है। तीन बार भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के निर्वाचित सदस्य रहे एवं हिमाचल प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य डॉ अशोक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को तुरंत प्रभाव से प्रदेश में मेलामाइन (मोमजामा) युक्त दूध और उसके सभी खाद्य पदार्थों को प्रतिबंधित कर देना चाहिए। कोरोना महामारी से पहले ही कई जानें जा चुकी हैं। उन सबके लिए कहीं ना कहीं व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना भी उत्तरदायी है, जोकि सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों पर निर्भर करती है। डॉ. अशोक ने कहा कि मेलामाइन के उपयोग की न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन, न फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और न ही एफएसएसएआई इसकी अनुमति देता है।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए विशेष रूप से छोटे बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मिलावटी दूध को तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित करके शुद्ध दूध की व्यवस्था करना जरूरी है। मेलामाइन के मिलावटी दूध से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे शरीर में संक्रमण का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। इसके इस्तेमाल से किडनी फेल, कैंसर और हृदयघात जैसे रोगों में वृद्धि हो रही है।
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सबसे पहले चीन ने मेलामाइन युक्त पाउडर वाले दूध को छोटे बच्चों के लिए बाहर के देशों को भेजना शुरू किया था। जिसका छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ा था। वर्ष 2007 में चीन से निर्यात गेहूं और चावल के कंसंट्रेट से यूनाइटेड स्टेट्स ने पेट फूड बनाया था, जिसके खाने से बहुत बड़ी संख्या में कुत्ते और बिल्लियां मर गई थीं।
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बाद में उसे प्रतिबंधित करना पड़ा था। लगभग 3 वर्ष पूर्व भारत सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण में बताया गया था कि हिमाचल में ही 89 प्रतिशत दूध मिलावटी बिक रहा है और उसमें सर्वाधिक मेलामाइन पाया गया था। जिस कारण प्रदेश में कैंसर रोग की बेतहाशा वृद्धि हो रही है। सरकार को चाहिए कि मेलामाइन युक्त दूध और खाद्य पदार्थों को तुरंत प्रतिबंधित करके शुद्ध दूध की व्यवस्था करनी चाहिए।
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