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गलोड़ के शहीद रोहिन मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित
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शहीद रोहिन ठाकुर की फाइल फोटो।
- फोटो : Hamirpur-HP
नादौन। बहादुरी और अदम्य साहस के लिए गलोड़ के शहीद सैनिक रोहिन कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। अदम्य साहस और बहादुरी के लिए दिए जाने वाले इस सम्मान की सूचना क्षेत्र में मिलते ही लोगों में खुशी है। हालांकि, परिजनों व क्षेत्र के लोगों को इस बात का दुख है कि उनका प्यारा रोहिन आज यह खुशी बांटने के लिए उनके साथ नहीं है। रोहिन एक अगस्त 2020 को जम्मू कश्मीर के पुंछ के बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तान सीमा से सटे मेंढर क्षेत्र की अग्रणी चौकी पर तैनात थे।
इसी दौरान पाकिस्तान सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए अचानक इस चौकी पर फायरिंग आरंभ कर दी। जिसका रोहिन और उनके साथियों ने मुंह तोड़ जवाब दिया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से फेंका गया एक मोर्टार रोहिन के पास आकर फट गया। जिससे वह गंभीर घायल हो गया और ज्यादा चोट आने के कारण मात्र 24 वर्ष की आयु में शहीद हो गया।
रोहिन 2016 में 14 पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। नवंबर 2020 में उनका विवाह होने वाला था। घर पर विवाह की तैयारियां चल रही थीं और इस बीच रोहिन की शहादत की दुखद सूचना के बाद पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया। रोहिन माता-पता का इकलौता बेटा था। उसकी बहन का विवाह हो चुका है। रोहिन के पिता रसील कुमार ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही फौज में जाना चाहता था। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को रोहिन की बहादुरी पर गर्व है।
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इसी दौरान पाकिस्तान सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए अचानक इस चौकी पर फायरिंग आरंभ कर दी। जिसका रोहिन और उनके साथियों ने मुंह तोड़ जवाब दिया, लेकिन पाकिस्तान की ओर से फेंका गया एक मोर्टार रोहिन के पास आकर फट गया। जिससे वह गंभीर घायल हो गया और ज्यादा चोट आने के कारण मात्र 24 वर्ष की आयु में शहीद हो गया।
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रोहिन 2016 में 14 पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। नवंबर 2020 में उनका विवाह होने वाला था। घर पर विवाह की तैयारियां चल रही थीं और इस बीच रोहिन की शहादत की दुखद सूचना के बाद पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया। रोहिन माता-पता का इकलौता बेटा था। उसकी बहन का विवाह हो चुका है। रोहिन के पिता रसील कुमार ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही फौज में जाना चाहता था। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को रोहिन की बहादुरी पर गर्व है।
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