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प्रिंसिपल पद भरे सरकार : संघ
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:26 PM IST
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हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार से प्रदेश में खाली चल रहे
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प्रधानाचार्यों के पदों को भरने की मांग की है।
स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष मुश्ताक मोहम्मद, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान राकेश वर्मा, राज्य सचिव भूपेंद्र सिंह, संगठन सचिव राजेश डोगरा, सुशील कतना, रवि वर्मा, विपिन माहिल, विजय चौहान, कमलेश कुमार, सुभाष ठाकुर, राजकुमार, सुरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने के कारण शिक्षा विभाग की नीतियों को अमलीजामा पहनाने में अध्यापकों को काफी मुश्किलें आ रही हैं।
इसलिए प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्यों पद पर पदोन्नति के लिए प्रवक्ताओं और मुख्याध्यापकों की वास्तविक संख्या के आधार पर वर्तमान पदोन्नति अनुपात में संशोधन किया जाए। कहा कि रोस्टर प्रणाली को लागू किया जाए। उपनिदेशक स्कूल निरीक्षण काडर के सृजित पदों को शीघ्र भरा जाए।
ये हैं प्रमुख मांगें
20 वर्ष पूरे करने वाले प्रवक्ताओं को दो वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए
नियुक्ति तिथि से 4-9-14 वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
महिला प्रवक्ताओं के लिए मातृत्व अवकाश 135 दिनों से बढ़ाकर छह महीने तथा आकस्मिक अवकाश को 12 दिनों से बढ़ाकर 20 दिन किया जाए।
कॉलेज कैडर में 25 फीसदी आरक्षण उन स्कूल प्रवक्ताओं को दिया जाए जो यूजीसी मापदंडों को पूरा करते हैं।
2010 के बाद नियुक्त हुए प्रवक्ताओं का पदनाम प्रवक्ता बहाल किया जाए।
विज्ञान प्रवक्ताओं को प्रायोगिक भत्ता दिया जाए।
स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष मुश्ताक मोहम्मद, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान राकेश वर्मा, राज्य सचिव भूपेंद्र सिंह, संगठन सचिव राजेश डोगरा, सुशील कतना, रवि वर्मा, विपिन माहिल, विजय चौहान, कमलेश कुमार, सुभाष ठाकुर, राजकुमार, सुरेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने के कारण शिक्षा विभाग की नीतियों को अमलीजामा पहनाने में अध्यापकों को काफी मुश्किलें आ रही हैं।
इसलिए प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रधानाचार्यों पद पर पदोन्नति के लिए प्रवक्ताओं और मुख्याध्यापकों की वास्तविक संख्या के आधार पर वर्तमान पदोन्नति अनुपात में संशोधन किया जाए। कहा कि रोस्टर प्रणाली को लागू किया जाए। उपनिदेशक स्कूल निरीक्षण काडर के सृजित पदों को शीघ्र भरा जाए।
ये हैं प्रमुख मांगें
20 वर्ष पूरे करने वाले प्रवक्ताओं को दो वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए
नियुक्ति तिथि से 4-9-14 वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
महिला प्रवक्ताओं के लिए मातृत्व अवकाश 135 दिनों से बढ़ाकर छह महीने तथा आकस्मिक अवकाश को 12 दिनों से बढ़ाकर 20 दिन किया जाए।
कॉलेज कैडर में 25 फीसदी आरक्षण उन स्कूल प्रवक्ताओं को दिया जाए जो यूजीसी मापदंडों को पूरा करते हैं।
2010 के बाद नियुक्त हुए प्रवक्ताओं का पदनाम प्रवक्ता बहाल किया जाए।
विज्ञान प्रवक्ताओं को प्रायोगिक भत्ता दिया जाए।