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मांगों को लेकर सीटू ने हमीरपुर में किया प्रदर्शन
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मनरेगा बजट की कटौती के विरोध में सीटू के बैनर तले हमीरपुर शहर में रैली निकालते कार्यकर्ता।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। सीटू ब्लॉक कमेटी हमीरपुर ने अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को रैली निकाली और प्रदर्शन किया। शुक्रवार सुबह सीटू से संबंधित मजदूर हमीरपुर तहसील चौक पर इकट्ठा हुए और बाजार से होते हुए गांधी चौक तक रैली निकली ओर सभा की।
सीटू जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि सीटू लंबे समय से श्रम कानूनों को बदलने और फिक्स टर्म रोजगार के विरोध में आंदोलनरत है। मोदी सरकार की ओर से फौज को अग्निवीर के नाम पर ठेके पर देने का ही काम किया है। इससे फौज के जरिये गरीबों के बच्चों को सरकारी नौकरी हासिल करने के सपने चकनाचूर हो गए हैं।
इससे लोगों में भारी रोष है। मोदी सरकार ने इस वर्ष के बजट में मनरेगा के बजट में 25 फीसदी की भारी कटौती कर दी है, जिसका असर अब गांव-गांव में दिखने लगा है। मनरेगा के काम ठप हो गए हैं लोगों को काम नहीं मिल रहा है, अगर मुश्किल से काम मिल भी जाए तो कई महीने मानदेय नहीं मिल मिल रहा है। सीटू ने मांग की है कि मनरेगा कार्य की असेस्मेंट बंद की जाए। मनरेगा में न्यूनतम दिहाड़ी 350 रुपये दी जाए। 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा का काम मांगने पर रसीद जारी की जाए। ठेका प्रथा बंद की जाए। सीटू ने महंगाई के विरोध में भी आवाज उठाई और जीवन उपयोगी वस्तुओं से टैक्स कम करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर एक ज्ञापन बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, जिला अध्यक्ष प्रताप राणा, सुरेश राठौर, रंजन शर्मा ने संबोधित किया।
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सीटू जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि सीटू लंबे समय से श्रम कानूनों को बदलने और फिक्स टर्म रोजगार के विरोध में आंदोलनरत है। मोदी सरकार की ओर से फौज को अग्निवीर के नाम पर ठेके पर देने का ही काम किया है। इससे फौज के जरिये गरीबों के बच्चों को सरकारी नौकरी हासिल करने के सपने चकनाचूर हो गए हैं।
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इससे लोगों में भारी रोष है। मोदी सरकार ने इस वर्ष के बजट में मनरेगा के बजट में 25 फीसदी की भारी कटौती कर दी है, जिसका असर अब गांव-गांव में दिखने लगा है। मनरेगा के काम ठप हो गए हैं लोगों को काम नहीं मिल रहा है, अगर मुश्किल से काम मिल भी जाए तो कई महीने मानदेय नहीं मिल मिल रहा है। सीटू ने मांग की है कि मनरेगा कार्य की असेस्मेंट बंद की जाए। मनरेगा में न्यूनतम दिहाड़ी 350 रुपये दी जाए। 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा का काम मांगने पर रसीद जारी की जाए। ठेका प्रथा बंद की जाए। सीटू ने महंगाई के विरोध में भी आवाज उठाई और जीवन उपयोगी वस्तुओं से टैक्स कम करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर एक ज्ञापन बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। प्रदर्शन को सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, जिला सचिव जोगिंदर कुमार, जिला अध्यक्ष प्रताप राणा, सुरेश राठौर, रंजन शर्मा ने संबोधित किया।
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