{"_id":"5fa82d2a8ebc3e9be27da42a","slug":"hrtc-one-more-local-root-closed-hamirpur-hp-news-sml350963979","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटे का चलते निगम ने बंद किया हमीरपुर-डबरेड़ा रूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटे का चलते निगम ने बंद किया हमीरपुर-डबरेड़ा रूट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो हमीरपुर ने घाटे में चल रहे एक और रूट को बंद कर दिया है। अब हमीरपुर से डुगली डबरेड़ा रूट पर जाने वाली बस के पहिये घाटे के चलते थम गए हैं। इससे पूर्व भी निगम प्रबंधन ने घाटे में चल रहे कई लोकल व अंतर जिला रूटों को बंद किया है। अब एक और रूट इस श्रेणी में जुड़ गया है। रूट पर इनकम 10 रुपये से कम ही रह रही थी। जिसके चलते इसे बंद कर दिया गया है। यदि निगम को 35 रुपये से अधिक इनकम किसी रूट पर आती है तो वह रूट लाभकारी माना जा सकता है लेकिन, लोकल रूटों पर कई रूट ऐसे हैं जहां इतनी इनकम नहीं हो पा रही है।
जबकि, अंतरराज्यीय बसें शुरू होने से अब निगम को लाभ होने लगा है। पूर्व में जहां दिन में एक लाख कैश आता था, अब इन बसों के शुरू होने से यह कैश रोजाना तीन लाख से पार हो गया है। हालांकि, अभी निगम ने करीब 40 फीसदी बसें ही रूटों पर दौड़ाई हैं। कोरोना काल से पहले सौ फीसदी बसों के साथ औसतन 11 लाख कैश हमीरपुर डिपो को प्राप्त होता था। अब कुछ हालात सुधरें हैं, लेकिन कई लोकल रूटों पर निगम को जेब से ही तेल भरवाना पड़ रहा है। आरएम विवेक लखनपाल ने कहा कि हमीरपुर डुगली डबरेड़ा रूट को घाटे के चलते बंद कर दिया गया है। 40 फीसदी बसें चल रही हैं, रोजाना तीन लाख से ऊपर कैश अब आ रहा है। लेकिन, अधिकतर लोकल रूट अभी घाटे या तेल खर्चे के बराबर ही हैं।
विज्ञापन
जबकि, अंतरराज्यीय बसें शुरू होने से अब निगम को लाभ होने लगा है। पूर्व में जहां दिन में एक लाख कैश आता था, अब इन बसों के शुरू होने से यह कैश रोजाना तीन लाख से पार हो गया है। हालांकि, अभी निगम ने करीब 40 फीसदी बसें ही रूटों पर दौड़ाई हैं। कोरोना काल से पहले सौ फीसदी बसों के साथ औसतन 11 लाख कैश हमीरपुर डिपो को प्राप्त होता था। अब कुछ हालात सुधरें हैं, लेकिन कई लोकल रूटों पर निगम को जेब से ही तेल भरवाना पड़ रहा है। आरएम विवेक लखनपाल ने कहा कि हमीरपुर डुगली डबरेड़ा रूट को घाटे के चलते बंद कर दिया गया है। 40 फीसदी बसें चल रही हैं, रोजाना तीन लाख से ऊपर कैश अब आ रहा है। लेकिन, अधिकतर लोकल रूट अभी घाटे या तेल खर्चे के बराबर ही हैं।
विज्ञापन