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हमीरपुर से 100 बच्चों को चिकित्सक बनाएंगे डीसी हरिकेश मीणा
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हमीरपुर। अपने ड्रीम प्रोजेक्ट कायाकल्प के माध्यम से उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा जिला हमीरपुर से करीब 100 बच्चों को चिकित्सक बनाएंगे। कोरोना वायरस की विपदा से निपटने में दिन-रात जुटे हमीरपुर जिला प्रशासन ने बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखा है। कायाकल्प कार्यक्रम इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला से इस बार नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में जमा दो कक्षा के 100 बच्चों को प्रवेश दिलवाने के लिए मिशन-100 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने बताया कि इस संकटकाल में बच्चे सही ढंग से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसके लिए कायाकल्प की पूरी टीम मेहनत कर रही है। कोरोना महामारी के चलते शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) की तिथियों में भी फेरबदल किया गया है।
ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों से जोड़े रखना अपने आप में चुनौती रही है, मगर कायाकल्प की टीम ने इसे स्वीकार करते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने की पहल की है। इसके लिए राजस्थान के कोटा स्थित ई-सरल पोर्टल के सहयोग से 650 घंटे का एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी इत्यादि विषय शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम एसडी कार्ड पर एक टेबलेट में अपलोड कर मेधावी बच्चों को प्रदान किया गया है। पिछले आठ माह से कायाकल्प में भाग ले रहे जमा दो कक्षा के लगभग 1800 छात्रों में से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप 100 बच्चों का चयन इसके लिए किया गया है। इस टेबलेट की विशेषता यह है कि इसमें केवल ई-सरल पोर्टल ही खुलेगा। मुख्य परीक्षा की तिथियों में फेरबदल के कारण यहां अभ्यास परीक्षाओं की समयसारिणी में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में निर्धारित मॉक टेस्ट की अब पुन: तिथियां तय की जाएंगी और तब तक ऑनलाइन माध्यम से टेस्ट लिए जा रहे हैं।
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ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों से जोड़े रखना अपने आप में चुनौती रही है, मगर कायाकल्प की टीम ने इसे स्वीकार करते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने की पहल की है। इसके लिए राजस्थान के कोटा स्थित ई-सरल पोर्टल के सहयोग से 650 घंटे का एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी इत्यादि विषय शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम एसडी कार्ड पर एक टेबलेट में अपलोड कर मेधावी बच्चों को प्रदान किया गया है। पिछले आठ माह से कायाकल्प में भाग ले रहे जमा दो कक्षा के लगभग 1800 छात्रों में से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप 100 बच्चों का चयन इसके लिए किया गया है। इस टेबलेट की विशेषता यह है कि इसमें केवल ई-सरल पोर्टल ही खुलेगा। मुख्य परीक्षा की तिथियों में फेरबदल के कारण यहां अभ्यास परीक्षाओं की समयसारिणी में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में निर्धारित मॉक टेस्ट की अब पुन: तिथियां तय की जाएंगी और तब तक ऑनलाइन माध्यम से टेस्ट लिए जा रहे हैं।
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