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किसानों-बागवानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हरिमन शर्मा : धूमल
Thu, 13 Feb 2025 12:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 13 Feb 2025 12:34 AM IST
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पदमश्री हरिमन शर्मा को सम्मानित करते पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल। पार्टी।
टौणीदेवी (हमीरपुर)। पदमश्री पुरस्कार से सम्मानित हरिमन शर्मा ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के निवास स्थान समीरपुर में पहुंचकर उनसे शिष्टाचार भेंट की। हरिमन शर्मा, निवासी गांव पनियाला डाकघर कोठी तहसील घुमारवीं ने बिलासपुर जिला में पहली बार सेब उगाया था।
मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए प्रेम कुमार धूमल ने एक इंटरव्यू में उनकी उस उपलब्धि की सराहना भी की थी। जब हरिमन शर्मा ने यह सेब की किस्म तैयार की तो कोई भी वैज्ञानिक विश्वास नहीं कर पाया था। वर्ष 2008 में शिमला सचिवालय में जाकर उन्होंने प्रेम कुमार धूमल को सेब और आम भेंट किए थे। मुख्यमंत्री के विभाग के सभी उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सेब खिलाए भी गए थे।
तब पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस सेब की किस्म का नाम हरिमन रखा जाए और 17 वर्ष के बाद उनके कहे हुए शब्द साकार हो चुके हैं। अब यह सेब की किस्म एचआरएमएन 99 के नाम से पेटेंट भी कर दी गई है, जबकि हरिमन शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार के लिए भी चुना गया है। वह अपने बगीचे के उगे सेब लेकर पूर्व मुख्यमंत्री धूमल के पास पहुंचे।
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हरिमन शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को देते हुए कहा कि उन्होंने मेरी इस खोज में संपूर्ण सहयोग दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस अवसर पर कहा कि हरिमन शर्मा ने हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने जिस प्रकार गर्म क्षेत्र में सेब की किस्म की खोज की, वह काफी सराहनीय है।
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मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए प्रेम कुमार धूमल ने एक इंटरव्यू में उनकी उस उपलब्धि की सराहना भी की थी। जब हरिमन शर्मा ने यह सेब की किस्म तैयार की तो कोई भी वैज्ञानिक विश्वास नहीं कर पाया था। वर्ष 2008 में शिमला सचिवालय में जाकर उन्होंने प्रेम कुमार धूमल को सेब और आम भेंट किए थे। मुख्यमंत्री के विभाग के सभी उच्च अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सेब खिलाए भी गए थे।
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तब पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस सेब की किस्म का नाम हरिमन रखा जाए और 17 वर्ष के बाद उनके कहे हुए शब्द साकार हो चुके हैं। अब यह सेब की किस्म एचआरएमएन 99 के नाम से पेटेंट भी कर दी गई है, जबकि हरिमन शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार के लिए भी चुना गया है। वह अपने बगीचे के उगे सेब लेकर पूर्व मुख्यमंत्री धूमल के पास पहुंचे।
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हरिमन शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को देते हुए कहा कि उन्होंने मेरी इस खोज में संपूर्ण सहयोग दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस अवसर पर कहा कि हरिमन शर्मा ने हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने जिस प्रकार गर्म क्षेत्र में सेब की किस्म की खोज की, वह काफी सराहनीय है।