{"_id":"650bd07823ba9375d40a27e2","slug":"governments-failed-to-provide-relief-to-the-affected-representatives-limited-to-clicking-selfies-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1008-8961-2023-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: सरकारें प्रभावितों को राहत देने में विफल, नुमाइंदे सेल्फी खिंचवाने तक सीमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: सरकारें प्रभावितों को राहत देने में विफल, नुमाइंदे सेल्फी खिंचवाने तक सीमित
Thu, 21 Sep 2023 10:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:41 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्सर्वादी), सीटू व किसान सभा ने प्रदेश में भारी बरसात के चलते हुई तबाही से प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए बुधवार को सरकार के खिलाफ गांधी चौक हमीरपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए सीपीआईएम हमीरपुर के जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में पिछले 100 साल में सबसे भयंकर आपदा आई है। इससे हिमाचल प्रदेश में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। करीब तीस हजार करोड़ की संपत्तियों का नुकसान हुआ है। 400 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। हजारों लोग बेघर होकर टेंट में रहने को मजबूर हैं। 16,000 से ज्यादा पशु मर गए हैं और 2500 घर खत्म हो गए हैं।
12,000 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है, मगर इतनी भीषण त्रासदी के बावजूद केंद्र सरकार हिमाचल में आई इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है। प्रदेश की मौजूदा सरकार भी लोगों को कोई विशेष राहत नहीं दे रही है और सरकार और उसके नुमाइंदे तो मात्र सेल्फी खिंचवाने तक ही सीमित हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में आज हजारों परिवार बेघर हैं। इनके पुनर्वास के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसलिए सीटू और किसान सभा ने संयुक्त रूप से 20 सितंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश जब इतनी भयंकर आपदा को झेल रहा है तो ऐसे समय में प्रदेश सरकार ने श्रमिक कल्याण बोर्ड से मजदूरों को मिलने वाले लाभ भी रोक दिए गए हैं। प्रदेश में मनरेगा में काम मुश्किल से ही मिल रहा है। न्यूनतम मदद जो गरीब मजदूर श्रमिक कल्याण बोर्ड से हासिल कर लेते थे उस पर भी कांग्रेस सरकार ने अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवाने, प्रदेश में तुरंत मनरेगा सेल्फ पारित कर मनरेगा के कार्य शुरू करने, श्रमिक कल्याण बोर्ड में लंबित लाभों को तुरंत जारी करने और आपदा पीड़ित परिवारों का मांग पत्र उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया है। प्रदर्शन में डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, जोगिंदर कुमार, प्रताप सिंह राणा, रंजन शर्मा, सुरेश राठौर, प्रवीण कुमार, नवीन कुमार, स्वामी, रसीला राम, रेखा, सोनू, सुषमा, कमल, मिलाप, अमर सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
12,000 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है, मगर इतनी भीषण त्रासदी के बावजूद केंद्र सरकार हिमाचल में आई इस भीषण आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है। प्रदेश की मौजूदा सरकार भी लोगों को कोई विशेष राहत नहीं दे रही है और सरकार और उसके नुमाइंदे तो मात्र सेल्फी खिंचवाने तक ही सीमित हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में आज हजारों परिवार बेघर हैं। इनके पुनर्वास के लिए तुरंत कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इसलिए सीटू और किसान सभा ने संयुक्त रूप से 20 सितंबर को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश जब इतनी भयंकर आपदा को झेल रहा है तो ऐसे समय में प्रदेश सरकार ने श्रमिक कल्याण बोर्ड से मजदूरों को मिलने वाले लाभ भी रोक दिए गए हैं। प्रदेश में मनरेगा में काम मुश्किल से ही मिल रहा है। न्यूनतम मदद जो गरीब मजदूर श्रमिक कल्याण बोर्ड से हासिल कर लेते थे उस पर भी कांग्रेस सरकार ने अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवाने, प्रदेश में तुरंत मनरेगा सेल्फ पारित कर मनरेगा के कार्य शुरू करने, श्रमिक कल्याण बोर्ड में लंबित लाभों को तुरंत जारी करने और आपदा पीड़ित परिवारों का मांग पत्र उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया है। प्रदर्शन में डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, जोगिंदर कुमार, प्रताप सिंह राणा, रंजन शर्मा, सुरेश राठौर, प्रवीण कुमार, नवीन कुमार, स्वामी, रसीला राम, रेखा, सोनू, सुषमा, कमल, मिलाप, अमर सिंह आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन