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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में मिलेगा हिमाचली पकवानों का स्वाद, दिवाली तक तैयार होगी दुकान
Sat, 31 Oct 2026 01:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:46 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में स्वयं सहायता समूह को आवंटित की गई दुकान। संवाद
हमीरपुर। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की दुकान का विस्तारीकरण दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में दुकान में टाइलें लगाने का काम पूरा कर लिया गया है।
अब अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। दुकान के विस्तार के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही हिमाचली व्यंजनों के साथ नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन की सुविधा मिलेगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दुकान के विस्तारीकरण पर 1.50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दुकान के साथ भोजन तैयार करने और परोसने के लिए अतिरिक्त जगह बनाई जा रही है। यहां श्रद्धालुओं को बबरू, पतरोड़े, सिड्डू, मक्की की रोटी और सरसों का साग सहित अन्य पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा।
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इससे श्रद्धालुओं को भोजन के लिए मंदिर परिसर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। गौरतलब है कि मंदिर न्यास ने जनवरी में ग्राम संगठन दियोटसिद्ध को अनुबंध पर दुकान आवंटित की थी। पहले यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को झंडे और टोकरियां बेचने की अनुमति थी।
बाद में श्रद्धालुओं की सुविधा और महिलाओं की मांग को देखते हुए उन्हें पारंपरिक खाद्य पदार्थ बेचने की छूट भी दी गई।
कोट
दुकान में टाइलें लगाने का काम पूरा हो गया है। विस्तारीकरण का शेष कार्य दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद महिलाएं पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के साथ अन्य सामान भी बेच सकेंगी। -राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी
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अब अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। दुकान के विस्तार के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही हिमाचली व्यंजनों के साथ नाश्ते, दोपहर और रात के भोजन की सुविधा मिलेगी।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दुकान के विस्तारीकरण पर 1.50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दुकान के साथ भोजन तैयार करने और परोसने के लिए अतिरिक्त जगह बनाई जा रही है। यहां श्रद्धालुओं को बबरू, पतरोड़े, सिड्डू, मक्की की रोटी और सरसों का साग सहित अन्य पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा।
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इससे श्रद्धालुओं को भोजन के लिए मंदिर परिसर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। गौरतलब है कि मंदिर न्यास ने जनवरी में ग्राम संगठन दियोटसिद्ध को अनुबंध पर दुकान आवंटित की थी। पहले यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को झंडे और टोकरियां बेचने की अनुमति थी।
बाद में श्रद्धालुओं की सुविधा और महिलाओं की मांग को देखते हुए उन्हें पारंपरिक खाद्य पदार्थ बेचने की छूट भी दी गई।
कोट
दुकान में टाइलें लगाने का काम पूरा हो गया है। विस्तारीकरण का शेष कार्य दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद महिलाएं पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के साथ अन्य सामान भी बेच सकेंगी। -राजेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी, बिझड़ी