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Hamirpur (Himachal) News: बड़े कारोबारी के नाम पर फर्जी एनओसी दर्शाने और इस्तेमाल पर एफआईआर दर्ज
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हमीरपुर। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मंडलीय नगर योजनाकार कार्यालय हमीरपुर के नाम से फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तैयार कर उसे विभिन्न विभागों में प्रसारित करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंडलीय कार्यालय हमीरपुर की ओर से सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई है।
विभागीय अधिकारी ने शिकायत में कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति कुछ दिन पहले उनके कार्यालय पहुंचा और एक एनओसी प्रस्तुत की, जिसे कार्यालय द्वारा जारी बताया गया। जांच में सामने आया कि उक्त एनओसी पर प्लानिंग ऑफिसर के हस्ताक्षर फर्जी थे। इसके अलावा एनओसी पर अंकित डिस्पैच नंबर भी कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।
शिकायत में बताया गया है कि यह फर्जी एनओसी शहर के वार्ड नंबर-10 निवासी हमीरपुर के नाम से दर्शाई गई है और इसकी एक प्रति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हमीरपुर के सहायक अभियंता को भी भेजी गई है, जिससे सरकारी अधिकारियों को गुमराह करने की मंशा साफ झलकती है। वहीं, जिस व्यक्ति के नाम से यह एनओसी दिखाई गई है, वह शहर के बड़े कारोबारी और निजी शैक्षणिक संस्थान के मालिक हैं।
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रिकॉर्ड की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि संबंधित व्यक्ति की ओर से कभी भी एनओसी के लिए कोई आवेदन कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र नगर निगम हमीरपुर के अंतर्गत आता है, जहां इस कार्यालय द्वारा एनओसी जारी ही नहीं की जाती।
इस संबंध में एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने कहा कि फर्जीवाड़ा, जालसाजी और सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत दर्ज की गई है। मामले में जांच जारी है।
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विभागीय अधिकारी ने शिकायत में कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति कुछ दिन पहले उनके कार्यालय पहुंचा और एक एनओसी प्रस्तुत की, जिसे कार्यालय द्वारा जारी बताया गया। जांच में सामने आया कि उक्त एनओसी पर प्लानिंग ऑफिसर के हस्ताक्षर फर्जी थे। इसके अलावा एनओसी पर अंकित डिस्पैच नंबर भी कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।
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शिकायत में बताया गया है कि यह फर्जी एनओसी शहर के वार्ड नंबर-10 निवासी हमीरपुर के नाम से दर्शाई गई है और इसकी एक प्रति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हमीरपुर के सहायक अभियंता को भी भेजी गई है, जिससे सरकारी अधिकारियों को गुमराह करने की मंशा साफ झलकती है। वहीं, जिस व्यक्ति के नाम से यह एनओसी दिखाई गई है, वह शहर के बड़े कारोबारी और निजी शैक्षणिक संस्थान के मालिक हैं।
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रिकॉर्ड की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि संबंधित व्यक्ति की ओर से कभी भी एनओसी के लिए कोई आवेदन कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र नगर निगम हमीरपुर के अंतर्गत आता है, जहां इस कार्यालय द्वारा एनओसी जारी ही नहीं की जाती।
इस संबंध में एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने कहा कि फर्जीवाड़ा, जालसाजी और सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग से संबंधित शिकायत दर्ज की गई है। मामले में जांच जारी है।