{"_id":"68dc2771d6db2d9d730bbff7","slug":"ensure-sampling-and-testing-for-drinking-water-quality-dc-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-168501-2025-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल की गुणवत्ता के लिए सैंपलिंग-टेस्टिंग सुनिश्चित करें : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल की गुणवत्ता के लिए सैंपलिंग-टेस्टिंग सुनिश्चित करें : डीसी
Wed, 01 Oct 2025 12:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:24 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में उपस्थित उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह व अन्
हमीरपुर। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को जिले में पेयजल की स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने और इसके लिए फील्ड में अधिक से अधिक सैंपलिंग एवं टेस्टिंग करवाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को यहां जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त ने बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली पानी की टेस्टिंग के अलावा जिले के सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों और लगभग 1575 ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को भी फील्ड टेस्टिंग किट्स दी गई हैं। इन किट्स के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आसानी से पानी की टेस्टिंग कर सकता है, लेकिन अभी भी फील्ड में अपेक्षा के अनुसार सैंपलिंग-टेस्टिंग नहीं हो रही है।
विज्ञापन
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को इन टेस्टिंग किट्स का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में पानी की गुणवत्ता उच्चतम स्तर की हो और कहीं पर भी जलजनित रोग न फैल सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पानी की टेस्टिंग के काम को एक प्रोजेक्ट वर्क के रूप में भी दिया जा सकता है।
इसके अलावा समय-समय पर फील्ड में सैंपल लेने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी इनकी रिपोर्ट जल शक्ति विभाग के साथ साझा करें। बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश धीमान ने मिशन की गतिवधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
मंगलवार को यहां जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
उपायुक्त ने बताया कि जल शक्ति विभाग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली पानी की टेस्टिंग के अलावा जिले के सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों और लगभग 1575 ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को भी फील्ड टेस्टिंग किट्स दी गई हैं। इन किट्स के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आसानी से पानी की टेस्टिंग कर सकता है, लेकिन अभी भी फील्ड में अपेक्षा के अनुसार सैंपलिंग-टेस्टिंग नहीं हो रही है।
विज्ञापन
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को इन टेस्टिंग किट्स का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में पानी की गुणवत्ता उच्चतम स्तर की हो और कहीं पर भी जलजनित रोग न फैल सके। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पानी की टेस्टिंग के काम को एक प्रोजेक्ट वर्क के रूप में भी दिया जा सकता है।
इसके अलावा समय-समय पर फील्ड में सैंपल लेने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी इनकी रिपोर्ट जल शक्ति विभाग के साथ साझा करें। बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राजेश धीमान ने मिशन की गतिवधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।