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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Shortage of distilled water at the medical college has jeopardized testing procedures.

Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में डिस्टिल्ड वॉटर की कमी से जांच प्रक्रियाओं पर संकट

Wed, 16 Sep 2026 01:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 16 Sep 2026 01:28 AM IST
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में डिस्टिल्ड वॉटर (आसुत जल) की कमी के चलते विभिन्न जांच प्रक्रियाओं पर असर पड़ने की स्थिति बन गई है। प्रयोगशालाओं में रोजाना होने वाली कई महत्वपूर्ण जांचों में डिस्टिल्ड वॉटर का इस्तेमाल किया जाता है।
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ऐसे में इसकी नियमित उपलब्धता नहीं होने से लैब की जांच व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। मेडिकल कॉलेज में विभिन्न टेस्ट और प्रयोगशाला संबंधी प्रक्रियाओं के लिए प्रतिदिन करीब सात लीटर से अधिक डिस्टिल्ड वॉटर की जरूरत पड़ती है।
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वहीं, कॉलेज की ओपीडी में रोजाना करीब 1500 से 2000 मरीज पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों को चिकित्सकीय जांच की सलाह दी जाती है। ऐसे में प्रयोगशालाओं पर जांच का काफी दबाव रहता है और डिस्टिल्ड वॉटर की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी हो जाती है।
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प्रयोगशाला में होने वाली कई जांच प्रक्रियाओं में पानी की शुद्धता महत्वपूर्ण होती है। सामान्य पानी में मौजूद खनिज, लवण और अन्य अशुद्धियां जांच के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं।
डिस्टिल्ड वॉटर में इन अशुद्धियों को काफी हद तक हटा दिया जाता है। यही वजह है कि विभिन्न लैब प्रक्रियाओं और टेस्ट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
बॉक्स
इस तरह प्रयोग होता है डिस्टिल्ड वॉटर
डिस्टिल्ड वॉटर ऐसा पानी है, जिसे उबालकर भाप में बदला जाता है और फिर उस भाप को ठंडा कर दोबारा पानी में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया में पानी में मौजूद कई खनिज, लवण और अन्य अशुद्धियां पीछे रह जाती हैं। इससे अपेक्षाकृत अधिक शुद्ध पानी प्राप्त होता है। विभिन्न प्रकार के लैब टेस्ट में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जांच के दौरान कुछ रसायनों और अभिकर्मकों (रीएजेंट्स) को तैयार करने में उपयोग होता है। प्रयोगशाला उपकरणों की कुछ प्रक्रियाओं में सामान्य पानी के स्थान पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। इससे पानी में मौजूद अशुद्धियों के कारण टेस्ट के परिणाम प्रभावित होने की संभावना कम होती है।

कोट
डिस्टिल्ड वॉटर की कमी को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर इसकी खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाएगी। जांच प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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