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सफाई कर्मियों को नहीं मिला वेतन, हड़ताल पर गए
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नादौन (हमीरपुर)। नगर पंचायत नादौन के दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों को अक्तूबर माह की 8 तारीख बीत जाने पर भी वेतन नहीं मिल पाया है। मंगलवार को दशहरा का पर्व बिना तनख्वाह फीका ही रहा। पगार न मिलने से गुस्साए नगर पंचायत नादौन के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को काम पर न जाने से शहर में चारों ओर कूड़े कचरा पड़ा रहा। हालांकि, नगर पंचायत प्रधान की ओर से बुधवार को इस मामले को सुलझाने का आश्वासन देने पर कर्मचारी काम पर लौट आए।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि अब त्योहारों का मौसम है और मंगलवार को दशहरे का पर्व वह बिना पैसे कैसे मनाएंगे। बीते सोमवार को सफाई कर्मचारियों के ठेकेदार को दिए जाने वाले चेक पर नगर पंचायत के सचिव सतीश की ओर से हस्ताक्षर न करने से सफाई कर्मचारियों को मासिक वेतन न मिलने पर प्रश्नचिन्ह लग गया। जिससे मंगलवार को गुस्साए कर्मचारी त्योहारों के चलते जेब खाली होने से भारी परेशानी में हैं। नगर पंचायत सचिव सतीश ने बताया कि सफाई के ठेकेदार ने इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड की स्टेटमेंट नहीं दी। इसलिए बिना स्टेटमेंट लिए चेक जारी नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर सचिव ने चेक जारी करते समय ही स्टेटमेंट लेने की मांग क्यों उठाई यह बात सफाई कर्मचारियों के गले नहीं उतर रही है। गोर हो कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था को ठेके पर दिया गया है और ठेकेदार ने 25 सफाई कर्मचारी रखे हुए हैं। जिन्हें प्रतिमाह लगभग 2 लाख की राशि वेतन के रूप में दी जाती है। नगर पंचायत के सचिव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को वेतन देना सफाई ठेकेदार की जिम्मेदारी बनती है। वहीं, नगर पंचायत प्रधान रीना देवी ने कहा कि बुधवार को समस्या को सुलझा लेने का आश्वासन देने पर सफाई कर्मचारी काम पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को वेतन देने के मामले को हर सूरत में सुलझा लिया जाएगा।
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सफाई कर्मचारियों का कहना है कि अब त्योहारों का मौसम है और मंगलवार को दशहरे का पर्व वह बिना पैसे कैसे मनाएंगे। बीते सोमवार को सफाई कर्मचारियों के ठेकेदार को दिए जाने वाले चेक पर नगर पंचायत के सचिव सतीश की ओर से हस्ताक्षर न करने से सफाई कर्मचारियों को मासिक वेतन न मिलने पर प्रश्नचिन्ह लग गया। जिससे मंगलवार को गुस्साए कर्मचारी त्योहारों के चलते जेब खाली होने से भारी परेशानी में हैं। नगर पंचायत सचिव सतीश ने बताया कि सफाई के ठेकेदार ने इंप्लाइज प्रॉविडेंट फंड की स्टेटमेंट नहीं दी। इसलिए बिना स्टेटमेंट लिए चेक जारी नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर सचिव ने चेक जारी करते समय ही स्टेटमेंट लेने की मांग क्यों उठाई यह बात सफाई कर्मचारियों के गले नहीं उतर रही है। गोर हो कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था को ठेके पर दिया गया है और ठेकेदार ने 25 सफाई कर्मचारी रखे हुए हैं। जिन्हें प्रतिमाह लगभग 2 लाख की राशि वेतन के रूप में दी जाती है। नगर पंचायत के सचिव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को वेतन देना सफाई ठेकेदार की जिम्मेदारी बनती है। वहीं, नगर पंचायत प्रधान रीना देवी ने कहा कि बुधवार को समस्या को सुलझा लेने का आश्वासन देने पर सफाई कर्मचारी काम पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को वेतन देने के मामले को हर सूरत में सुलझा लिया जाएगा।
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