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Hamirpur (Himachal) News: हवा में उड़ने से पहले फाइलों में दब गया ड्रोन सर्वे
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शहरी विकास विभाग के दावे भी हवा
बीते वर्ष हिमकॉस्टे को आवंटित हुआ था हमीरपुर शहर के जीआईएस सर्वें का कार्य
आठ लाख से अधिक राशि सरकारी एजेंसी को जमा करवाने के बावजूद लटका कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर में क्षेत्रफल के हिसाब से गृहकर तय करने के लिए प्रस्तावित जीआईएस ड्रोन सर्वे के पंख फाइलों में दब गए हैं। बीते एक वर्ष से सर्वे कागजों से आगे नहीं बढ़ पाया है। हालात ऐसे हैं कि इस सर्वे के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से हिमकाॅस्टे को यह कार्य आवंटित किया गया है। लेकिन, आठ लाख से अधिक की राशि हिमकाॅस्टे को सौंपने के बावजूद यह कार्य नहीं हो सका है। हिमकाॅस्टे का तर्क है कि इस कार्य की लागत अधिक है और 40 फीसदी के हिसाब से राशि अधिक बनती है। हिमकाॅस्टे ने शहरी विकास विभाग को इसके लिए पत्राचार किया है। बीते वर्ष सर्वे के लिए नगर परिषद हमीरपुर ने टीम का गठन कर लिया था। बीती कई बैठकों में इस कार्य को लेकर चर्चाएं हो चुकी हैं लेकिन सर्वे अभी तक शुरू नहीं हो सका है। नगर परिषद की ओर से घरेलू और व्यावसायिक भवनों के लिए गृहकर की अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। एक वर्ष पूर्व नगर परिषद ने गृहकर की नई दरें निर्धारित करने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां आमंत्रित की थीं। शहरवासियों ने गृहकर की दरों को कम करने का सुझाव दिया था।
शहरी विभाग विभाग ने प्रदेशभर के नगर निकायों में वार्डों में ड्रोन सर्वे करने का निर्णय लिया। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि कितने घरेलू और कितने व्यावसायिक भवन हैं। वर्तमान में शहर में कई लोगों ने बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया है। सर्वे के बाद ऑनलाइन सिस्टम से कौन कितना टैक्स नगर परिषद में जमा करवा रहा है, यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होगी।
ये नई दरें की गईं तय, सर्वे बाकी
नगर परिषद ने सर्वे के लिए जो फाइनल नियम तैयार किए हैं, उसमें घरेलू मकानों के लिए 5 से 8 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 25 से 30 रुपये व्यावसायिक भवनों के लिए और ढाबे व होटल का रेट 15 से 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। वर्तमान में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में पांच हजार से अधिक घरेलू और व्यावसायिक भवन हैं, लेकिन यहां पर कोई भी पूर्व निर्धारित फॉर्मूला टैक्स वसूलने के लिए नहीं है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से लोग टैक्स जमा करवा सकेंगे।
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कोट्स
नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि हिमकाॅस्टे के पास आठ लाख से अधिक राशि जमा करवा दी गई है। इसके अलावा अतिरिक्त डिमांड यदि मिलेगी तो वह जमा करवाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश काउंसिल फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट के टेक्निकल ऑफिसर उमेश पठानिया का कहना है कि जीआईएस सर्वे की लागत की 40 फीसदी राशि एडवांस में जमा करवाना जरूरी है। शहरी विकास विभाग से इस विषय को लेकर पत्राचार किया गया है। अभी तक 40 फीसदी राशि नहीं मिल पाई है।
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बीते वर्ष हिमकॉस्टे को आवंटित हुआ था हमीरपुर शहर के जीआईएस सर्वें का कार्य
आठ लाख से अधिक राशि सरकारी एजेंसी को जमा करवाने के बावजूद लटका कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर में क्षेत्रफल के हिसाब से गृहकर तय करने के लिए प्रस्तावित जीआईएस ड्रोन सर्वे के पंख फाइलों में दब गए हैं। बीते एक वर्ष से सर्वे कागजों से आगे नहीं बढ़ पाया है। हालात ऐसे हैं कि इस सर्वे के लिए शहरी विकास विभाग की ओर से हिमकाॅस्टे को यह कार्य आवंटित किया गया है। लेकिन, आठ लाख से अधिक की राशि हिमकाॅस्टे को सौंपने के बावजूद यह कार्य नहीं हो सका है। हिमकाॅस्टे का तर्क है कि इस कार्य की लागत अधिक है और 40 फीसदी के हिसाब से राशि अधिक बनती है। हिमकाॅस्टे ने शहरी विकास विभाग को इसके लिए पत्राचार किया है। बीते वर्ष सर्वे के लिए नगर परिषद हमीरपुर ने टीम का गठन कर लिया था। बीती कई बैठकों में इस कार्य को लेकर चर्चाएं हो चुकी हैं लेकिन सर्वे अभी तक शुरू नहीं हो सका है। नगर परिषद की ओर से घरेलू और व्यावसायिक भवनों के लिए गृहकर की अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। एक वर्ष पूर्व नगर परिषद ने गृहकर की नई दरें निर्धारित करने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां आमंत्रित की थीं। शहरवासियों ने गृहकर की दरों को कम करने का सुझाव दिया था।
शहरी विभाग विभाग ने प्रदेशभर के नगर निकायों में वार्डों में ड्रोन सर्वे करने का निर्णय लिया। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि कितने घरेलू और कितने व्यावसायिक भवन हैं। वर्तमान में शहर में कई लोगों ने बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया है। सर्वे के बाद ऑनलाइन सिस्टम से कौन कितना टैक्स नगर परिषद में जमा करवा रहा है, यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होगी।
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ये नई दरें की गईं तय, सर्वे बाकी
नगर परिषद ने सर्वे के लिए जो फाइनल नियम तैयार किए हैं, उसमें घरेलू मकानों के लिए 5 से 8 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 25 से 30 रुपये व्यावसायिक भवनों के लिए और ढाबे व होटल का रेट 15 से 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। वर्तमान में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में पांच हजार से अधिक घरेलू और व्यावसायिक भवन हैं, लेकिन यहां पर कोई भी पूर्व निर्धारित फॉर्मूला टैक्स वसूलने के लिए नहीं है। सॉफ्टवेयर के माध्यम से अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से लोग टैक्स जमा करवा सकेंगे।
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नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि हिमकाॅस्टे के पास आठ लाख से अधिक राशि जमा करवा दी गई है। इसके अलावा अतिरिक्त डिमांड यदि मिलेगी तो वह जमा करवाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश काउंसिल फॉर साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट के टेक्निकल ऑफिसर उमेश पठानिया का कहना है कि जीआईएस सर्वे की लागत की 40 फीसदी राशि एडवांस में जमा करवाना जरूरी है। शहरी विकास विभाग से इस विषय को लेकर पत्राचार किया गया है। अभी तक 40 फीसदी राशि नहीं मिल पाई है।