हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में शनिवार को एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) बंद करने के खिलाफ चिकित्सकों के संघ और केंद्रीय छात्र संघ के प्रशिक्षु चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं सोमवार से सुबह 9:30 से 11 बजे तक पेनडाउन हड़ताल की जाएगी। इस दौरान किसी भी ओपीडी में चिकित्सक मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। हालांकि आपातकालीन में मरीजों का इलाज किया जाएगा। संघों के पदाधिकारियों ने कहा कि एनपीए बंद करके नई नियुक्तियों वाले चिकित्सकों का मनोबल गिराने का कार्य किया जा रहा है। चिकित्सक अस्पतालों में 24 घंटे कार्य करते हैं। लेकिन ऐसी नोटिफिकेशन जारी करने से चिकित्सकों का मनोबल गिर रहा है।
फैकल्टी डॉक्टर एसोसिएशन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के महासचिव डॉ. संजय ठाकुर, रेंजिडेंटल डॉक्टर एसोसिएशन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्रधान डॉ. आशीष, केंद्रीय छात्र संघ की प्रधान शालिनी आदि ने कहा कि चिकित्सक अपने समय से ज्यादा ही मरीजों को देखते हैं। प्रदेश में मरीजों को सबसे बेहतरीन सेवाएं चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध करवाई जाती हैं। वहीं इससे पहले एनपीए 25 फीसदी दिया जाता था। बाद में इसे 20 फीसदी कर दिया गया। लेकिन अब इसे भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में चिकित्सक नौकरी के साथ-साथ अपने कार्य करने पर मजबूर होंगे। इससे अस्पतालों में मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। चिकित्सकों को टारगेट किया जा रहा है। डॉ. संजय ठाकुर, डॉ. आशीष, शालिनी और अन्य चिकित्सकों ने इस नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग की है। ताकि चिकित्सक मरीजों को बेहतरीन सेवाएं दे सकें और उनका मनोबल भी बना रहे। वहीं उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों की वित्तीय शक्तियां प्राचार्यों को देेने की भी मांग की।