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Hamirpur (Himachal) News: राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाने के लिए बनाई समयसीमा पर जताई असहमति
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संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ मांगों को लेकर उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपते हुए।(स्रोत:
हमीरपुर। संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ हमीरपुर ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर एक आपात बैठक बुलाई। इसके बाद अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा है। ज्ञापन में महासंघ ने प्रदेश सरकार के संशोधित राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाने के लिए बनाई गई समय सीमा पर असहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के 25 से 70 फीसदी पद खाली चले हुए हैं। पटवारी कानूनगो को अपने राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाने का समय ही नहीं मिल पा रहा है।
हर रोज कई प्रकार के प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट तैयार करके आगे भेजना, प्रधानमंत्री किसान स्वामित्व योजना, सीएम शिकायत विवरणी के निपटारे, राहत कार्य, फसल गिरदावरी, निर्वाचन कार्य, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनन विभाग की कई परियोजनाओं के मौके पर कार्य एवं संयुक्त निरीक्षण के अलावा इंतकाल दर्ज करने के कार्यों व अन्य कई प्रकार के राजस्व कार्यों को करने के लिए विभाग के कर्मचारी कम पड़ रहे हैं। एक महीने में निशानदेही के 40 मामले आते हैं, जबकि एक माह में 7 मामलों का निपटान ही हो पाता है। महासंघ सरकार से एक माह में किए जाने वाले कार्यों का बिल लाने की मांग करता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि संशोधित राजस्व संबंधी कार्यों को उन पर थोपा गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस अवसर पर पटवार एवं काननूगो महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कपूर की अगुवाई में उपस्थित पदाधिकारियों ने नारेबाजी की तो मांगों को जल्द मानने के लिए सरकार से गुहार भी लगाई। इस मौके पर पटवार कानूनगो महासंघ के जिला प्रधान मीना कालिया, राज्य प्रतिनिधि अवनीश, जितेंद्र, राजेंद्र सिंह, कानूनगो सतीश कुमार सुमन, बंदना, शालिका, नीरज कुमार इत्यादि भी मौजूद रहे। पटवार काननूगो महासंघ के पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया है कि अगर जल्द मांगों को नहीं माना गया तो पूरे प्रदेश भर में आंदोलन को तेज किया जाएगा। पटवार काननूगो महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कपूर ने बताया कि सरकार के नए राजस्व विधेयक को लेकर पटवारी व काननूगो को परेशानियां पेश आ रही हैं। विधेयक लागू करने से पहले महासंघ को चर्चा तक करने के लिए नहीं बुलाया गया है।
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उन्होंने कहा कि पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के 25 से 70 फीसदी पद खाली चले हुए हैं। पटवारी कानूनगो को अपने राजस्व संबंधी कार्यों को निपटाने का समय ही नहीं मिल पा रहा है।
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हर रोज कई प्रकार के प्रमाण पत्रों की रिपोर्ट तैयार करके आगे भेजना, प्रधानमंत्री किसान स्वामित्व योजना, सीएम शिकायत विवरणी के निपटारे, राहत कार्य, फसल गिरदावरी, निर्वाचन कार्य, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनन विभाग की कई परियोजनाओं के मौके पर कार्य एवं संयुक्त निरीक्षण के अलावा इंतकाल दर्ज करने के कार्यों व अन्य कई प्रकार के राजस्व कार्यों को करने के लिए विभाग के कर्मचारी कम पड़ रहे हैं। एक महीने में निशानदेही के 40 मामले आते हैं, जबकि एक माह में 7 मामलों का निपटान ही हो पाता है। महासंघ सरकार से एक माह में किए जाने वाले कार्यों का बिल लाने की मांग करता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि संशोधित राजस्व संबंधी कार्यों को उन पर थोपा गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस अवसर पर पटवार एवं काननूगो महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कपूर की अगुवाई में उपस्थित पदाधिकारियों ने नारेबाजी की तो मांगों को जल्द मानने के लिए सरकार से गुहार भी लगाई। इस मौके पर पटवार कानूनगो महासंघ के जिला प्रधान मीना कालिया, राज्य प्रतिनिधि अवनीश, जितेंद्र, राजेंद्र सिंह, कानूनगो सतीश कुमार सुमन, बंदना, शालिका, नीरज कुमार इत्यादि भी मौजूद रहे। पटवार काननूगो महासंघ के पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया है कि अगर जल्द मांगों को नहीं माना गया तो पूरे प्रदेश भर में आंदोलन को तेज किया जाएगा। पटवार काननूगो महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कपूर ने बताया कि सरकार के नए राजस्व विधेयक को लेकर पटवारी व काननूगो को परेशानियां पेश आ रही हैं। विधेयक लागू करने से पहले महासंघ को चर्चा तक करने के लिए नहीं बुलाया गया है।
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