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Hamirpur (Himachal) News: चकमोह कॉलेज परिसर में वर्षाशालिका जर्जर
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40 वर्ष पूर्व मंदिर न्यास ने करवाया था निर्माण
वर्तमान में दशा खस्ताहाल होने से बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ महाविद्यालय चकमोह परिसर में स्थित वर्षाशालिका की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। वर्षाशालिका इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसके नीचे बैठना किसी खतरे से खाली नहीं है। कड़कड़ाती धूप में मजबूरन विद्यार्थियों को बसों का इंतजार करने के लिए वर्षाशालिका में बैठना पड़ रहा है। इसके लेंटर का छज्जा गिरने के कगार पर है। लेंटर से सीमेंट और बजरी निकल चुकी है। वहीं सरिया भी बाहर निकल गया है।
स्थानीय लोगों दीपक, कपिलेश, पुरुषोत्तम चंद, प्यार चंद, वेद प्रकाश, संजीव, राजीव, शकुंतला देवी आदि ने कहा कि वर्षाशालिका का निर्माण बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास की ओर से 40 वर्ष पूर्व करवाया गया था जिससे कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों सहित बाबा बालकनाथ मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को बैठने के लिए उचित स्थान मिल सके। लेकिन, अभी तक एक बार भी वर्षाशालिका का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने न्यास प्रशासन और पंचायत से वर्षाशालिका की मरम्मत करवाने की मांग की है। पंचायत प्रधान किरण देवी ने कहा कि वह मंदिर न्यास को पत्र लिखकर इसे दुरुस्त करवाने की मांग करेंगे। यदि ऐसा नहीं होता है तो पंचायत अपने स्तर पर वर्षाशालिका की मरम्मत करवाएगी।
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वर्तमान में दशा खस्ताहाल होने से बढ़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ महाविद्यालय चकमोह परिसर में स्थित वर्षाशालिका की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। वर्षाशालिका इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसके नीचे बैठना किसी खतरे से खाली नहीं है। कड़कड़ाती धूप में मजबूरन विद्यार्थियों को बसों का इंतजार करने के लिए वर्षाशालिका में बैठना पड़ रहा है। इसके लेंटर का छज्जा गिरने के कगार पर है। लेंटर से सीमेंट और बजरी निकल चुकी है। वहीं सरिया भी बाहर निकल गया है।
स्थानीय लोगों दीपक, कपिलेश, पुरुषोत्तम चंद, प्यार चंद, वेद प्रकाश, संजीव, राजीव, शकुंतला देवी आदि ने कहा कि वर्षाशालिका का निर्माण बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास की ओर से 40 वर्ष पूर्व करवाया गया था जिससे कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों सहित बाबा बालकनाथ मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को बैठने के लिए उचित स्थान मिल सके। लेकिन, अभी तक एक बार भी वर्षाशालिका का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने न्यास प्रशासन और पंचायत से वर्षाशालिका की मरम्मत करवाने की मांग की है। पंचायत प्रधान किरण देवी ने कहा कि वह मंदिर न्यास को पत्र लिखकर इसे दुरुस्त करवाने की मांग करेंगे। यदि ऐसा नहीं होता है तो पंचायत अपने स्तर पर वर्षाशालिका की मरम्मत करवाएगी।
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