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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Deepu son, come back now, who will your old mother serve tea to?

Hamirpur (Himachal) News: दीपू बेटा लौट आ अब, तेरी ये बूढ़ी मां किसे चाय पिलाएगी

Sun, 13 Apr 2025 05:48 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Sun, 13 Apr 2025 05:48 AM IST
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Deepu son, come back now, who will your old mother serve tea to?
बलिदानी कुलदीप चंद की माता विलाप करते हुए।संवाद - फोटो : कार्यक्रम में मौजूद पंच प्यारे।
गलोड़ (हमीरपुर)। दीपू बेटा लौट आ, अब तेरी बूढ़ी मां किसे चाय पिलाएगी। तू ही तो कहता था कि मां तेरी हाथों की चाय का स्वाद कहीं नहीं मिलता। अब किसे चाय पिलाऊंगी। रूंधे गले से बलिदानी कुलदीप चंद की मां शकुंतला देवी का यह विलाप दिल का चीरने वाला है। गांव की महिलाएं और रिश्तेदार मां को ढांढस बंधा रहे हैं। रो-रो कर मां की आंखों का नीर सूख गया है। बगल में बैठी पत्नी संतोष देवी सदमे में है। जब से पति के बलिदान की खबर सुनी है, एक शब्द मुंह से नहीं निकला है। रो-रो कर बेसुध हो गई हैं। चीखों पुकार से गांव में माहौल गमगीन है।
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समय :12:10 बजे। स्थान : ग्राम पंचायत गाहली के कोहलवीं निवासी बलिदानी कुलदीप चंद का घर। परिजनों को बलिदान की सूचना सुबह सात बजे के करीब मिली है। पूर्व सैनिक पिता रत्न चंद गांव में घर के आंगन में बैठे हैं। पूछने पर कहा, बेटा देश के काम आ गया। लगातार रिश्तेदारों के फोन आ रहे है। बलिदानी के 84 वर्षीय पिता हिम्मत रखकर सबके साथ बातचीत कर रहे हैं। लाठी के सहारे उठकर कुछ कदम चलते हैं और फिर कुर्सी का सहारा लेकर बैठ जाते हैं।
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पिता ने कहा कि दीपू दो माह पूर्व छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटा था। कुछ ही दिन बाद वह घर आने की बात कर रहा था। अगले वर्ष फरवरी माह में कुलदीप ने सेवानिवृत्त होना था। कुछ दिन बाद उसके घर आते ही दूसरी मंजिल का कार्य करवाने की योजना थी। पिछले कल शाम को बात हुई तो कहा था, पिता जी घर आकर दूसरी मंजिल का काम करेंगे और सेवानिवृत्ति से पहले घर पूरी तरह से तैयार कर लेंगे। बलिदानी कुलदीप चंद अपने घर के बड़े बेटे थे। घर पर सभी उन्हें दीपू कहकर बुलाते थे। बलिदान की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बलिदानी की 75 वर्षीय मां विलाप करते हुए बेटे को याद कर रही है। बरामदे के कोने में बैठी बलिदानी की बेटी दीक्षा की आंखो से आंसुओं की धारा बह रही है। दीक्षा ने बगल में गुमशुम बैठे छोटे भाई आर्यन का हाथ पकड़कर उसे संभाला है।
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जीजा साले की एक साथ सेवानिवृत्ति थी तय
फरवरी 2026 में कुलदीप चंद के साथ उनके बहनोई की भी सेवानिवृत्ति तय थी। ऐसे में जीजा और साला दोनों आपस में बातचीत कर रहे थे कि कैसे समारोह आयोजित करना है। लेकिन भाग्य को और ही मंजूर था। कुलदीप चंद अपने पीछे बेटा आर्यन शर्मा, बेटी दीक्षा, पत्नी संतोष छोड़ गए हैं। कुलदीप चंद का बेटा नौवीं कक्षा और बेटी दीक्षा बारहवीं पास करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग ले रही है।


पिता पर गर्व : दीक्षा
बलिदानी कुलदीप चंद की बेटी दीक्षा ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। कभी पिता ने उनसे इस बारे में जिक्र तक नहीं किया उनको किन चुनौतियों और मुसीबतों का सामना करना होता है। पापा हमेशा ऐसे बात करते थे, मानों सब नॉर्मल हो।


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