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कलोह में पशुशाला राख, अंदर बंधे दो बैल भी जिंदा जले
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सरेड़ी के कलोह गांव में जलकर राख हुई गौशाला व जला बैल।
- फोटो : Hamirpur-HP
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गलोड़(हमीरपुर)। तहसील गलोड़ की सरेड़ी पंचायत के कलोह गांव में रतन चंद पुत्र शेर सिंह की पशुशाला जलकर राख हो गई। इस हादसे में पशुशाला के अंदर बंधे दो बैल भी जिंदा जल गए।
रविवार रात करीब एक बजे पशुशाला में आग लग गई। इस दौरान शौचालय जाने के लिए बाहर निकले पड़ोसी संजय गिल ने जैसे ही पशुशाला से आग की लपटें देखीं तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया। इस दौरान ग्रामीण और परिजन जागे और बाल्टियां लेकर आग बुझाने दौड़ पड़े। लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसमें पशुशाला और बैल जल गए। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। वहीं प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि दी गई है।
जानकारी के अनुसार पशुशाला में दो बैल बंधे हुए थे। एक बैल ने पशुशाला के अंदर ही दम तोड़ दिया जबकि एक बैल ने बाहर निकलने की कोशिश में गले में डाला रस्सा तो तोड़ दिया, लेकिन जब तक वह बाहर निकला तब तक वह गंभीर रूप से जल चुका था। जिसने बाहर आकर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने कुछ देर बाद आग पर काबू तो पा लिया लेकिन गौशाला औ बैलों को नहीं बचा सके। पंचायत प्रधान राजेश कुमार शर्मा ने पीड़ित परिवार की सहायता करने की गुहार प्रशासन से लगाई है। तहसीलदार गलोड़ केशव कपिल ने बताया कि पटवारी को मौके पर भेजा है।
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किसान को नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। पशु चिकित्सक को भी बैलों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं। परिवार को 5000 रुपये की फौरी राहत भी दी गई है। हलका पटवारी ने कुल 93 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया है। जिसमें 45 हजार रुपये के दो बैल, जबकि स्लेटपोश पशुशाला और सामान की कीमत 48 हजार रुपये आंकी गई है।
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रविवार रात करीब एक बजे पशुशाला में आग लग गई। इस दौरान शौचालय जाने के लिए बाहर निकले पड़ोसी संजय गिल ने जैसे ही पशुशाला से आग की लपटें देखीं तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया। इस दौरान ग्रामीण और परिजन जागे और बाल्टियां लेकर आग बुझाने दौड़ पड़े। लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसमें पशुशाला और बैल जल गए। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। वहीं प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को पांच हजार रुपये की फौरी राहत राशि दी गई है।
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जानकारी के अनुसार पशुशाला में दो बैल बंधे हुए थे। एक बैल ने पशुशाला के अंदर ही दम तोड़ दिया जबकि एक बैल ने बाहर निकलने की कोशिश में गले में डाला रस्सा तो तोड़ दिया, लेकिन जब तक वह बाहर निकला तब तक वह गंभीर रूप से जल चुका था। जिसने बाहर आकर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने कुछ देर बाद आग पर काबू तो पा लिया लेकिन गौशाला औ बैलों को नहीं बचा सके। पंचायत प्रधान राजेश कुमार शर्मा ने पीड़ित परिवार की सहायता करने की गुहार प्रशासन से लगाई है। तहसीलदार गलोड़ केशव कपिल ने बताया कि पटवारी को मौके पर भेजा है।
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किसान को नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। पशु चिकित्सक को भी बैलों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए हैं। परिवार को 5000 रुपये की फौरी राहत भी दी गई है। हलका पटवारी ने कुल 93 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया है। जिसमें 45 हजार रुपये के दो बैल, जबकि स्लेटपोश पशुशाला और सामान की कीमत 48 हजार रुपये आंकी गई है।