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एनआईटी में भर्तियों और पदोन्नति की सीबीआई करे जांच
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हमीरपुर। एनआईटी के एक अधिकारी ने वर्ष 2009 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती और इन्हें बाद में प्रदान की गई पदोन्नतियों को लेकर सवाल उठाए हैं। इस मामले की शिकायत फरवरी माह में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हमीरपुर के सांसद को लिखित रूप में भेजी गई थी। लेकिन अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, हमीरपुर सदर के विधायक और सांसद एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से सीबीआई जांच की मांग की गई है।
शिकायकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती हुए अभ्यर्थियों के पास पांच साल का वैद्य शिक्षण अनुभव नहीं था। इसके साथ ही उन्हें गलत तरीके से वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। बाद में इन्हें पदोन्नतियां प्रदान की गईं।
इस मामले की शीघ्र जांच होनी चाहिए। जबकि इससे पूर्व वर्ष 2018-19 में तत्कालीन एनआईटी निदेशक प्रो विनोद यादव के कार्यकाल में हुई भर्तियां भी सवालों के घेरे में हैं। प्रो. विनोद यादव को निर्देशक पद से बर्खास्त किया जा चुका है। इस मामले की जांच अभी तक चल रही है। एनआईटी हमीरपुर के पूर्व में रहे रजिस्ट्रार और सहायक रजिस्ट्रार समेत दो दर्जन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुए हैं। 9 मार्च को दिल्ली में बोओजी की बैठक चेयरमैन प्रो. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में भर्ती मामले में संलिप्त एनआईटी के अधिकारियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई और 105 कर्मचारियों के प्रोबेशन पीरियड को लेकर भी चर्चा हुई है। लेकिन अभी तक बीओजी की मीटिंग के मिनट्स संस्थान के पास नहीं पहुंचे हैं। उधर, एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. योगेश यादव ने कहा कि बीओजी की बैठक के मिनट्स अभी तक नहीं आए हैं। जबकि वर्ष 2009 में हुई भर्तियों की शिकायत करने वाले व्यक्ति के बारे में जांच की जा रही है।
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शिकायकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती हुए अभ्यर्थियों के पास पांच साल का वैद्य शिक्षण अनुभव नहीं था। इसके साथ ही उन्हें गलत तरीके से वित्तीय लाभ प्रदान किए गए हैं। बाद में इन्हें पदोन्नतियां प्रदान की गईं।
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इस मामले की शीघ्र जांच होनी चाहिए। जबकि इससे पूर्व वर्ष 2018-19 में तत्कालीन एनआईटी निदेशक प्रो विनोद यादव के कार्यकाल में हुई भर्तियां भी सवालों के घेरे में हैं। प्रो. विनोद यादव को निर्देशक पद से बर्खास्त किया जा चुका है। इस मामले की जांच अभी तक चल रही है। एनआईटी हमीरपुर के पूर्व में रहे रजिस्ट्रार और सहायक रजिस्ट्रार समेत दो दर्जन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुए हैं। 9 मार्च को दिल्ली में बोओजी की बैठक चेयरमैन प्रो. चंद्रशेखर की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में भर्ती मामले में संलिप्त एनआईटी के अधिकारियों के खिलाफ आगामी कार्रवाई और 105 कर्मचारियों के प्रोबेशन पीरियड को लेकर भी चर्चा हुई है। लेकिन अभी तक बीओजी की मीटिंग के मिनट्स संस्थान के पास नहीं पहुंचे हैं। उधर, एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. योगेश यादव ने कहा कि बीओजी की बैठक के मिनट्स अभी तक नहीं आए हैं। जबकि वर्ष 2009 में हुई भर्तियों की शिकायत करने वाले व्यक्ति के बारे में जांच की जा रही है।
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